प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के तरनतारन दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों के लिए की नई घोषणाओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जहरीली शराब त्रासदी में मारे गए लोगों के प्रभावित परिजनों से मिलना एक ढोंग है। कैप्टन पीड़ितों का दुख बांटने नहीं बल्कि अपना राजनीतिक मकसद पूरा करने पहुंचे हैं।
123 लोगों की मृत्यु होना सामान्य नहीं है, बल्कि कैप्टन सरकार की अनदेखी के चलते एक सरकारी कत्ल है। अश्वनी शर्मा ने कहा कि अगर कैप्टन को पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम लगाने की इतनी ही फिक्र है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करके सजा दिलवाने की बात कह रहे हैं तो वह केंद्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच की मांग क्योंकि नहीं करते।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि पहले कैप्टन ने पीड़ितों को 2-2 लाख रुपये देने का एलान किया था लेकिन अब उसे बढ़ाकर 5-5 लाख करने की घोषणा की है और कच्चे घरों में रहने वालों को पक्के घर बना कर देने का भी वादा किया है। आबकारी विभाग खुद कैप्टन ने अपने पास रखा हुआ है जिससे कि इस त्रासदी की सीधे तौर पर जिम्मेदारी उनकी ही बनती है। कैप्टन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर सजा दिलवाने की बात कर रहे हैं लेकिन पंजाब और पंजाबी उन पर विश्वास कैसे करें, क्योंकि कांग्रेस के अपने नेता, विधायक व मंत्री खुद इन मामलों में लिप्त हैं।
आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने माझा में जहरीली शराब के कहर के बाद शुक्रवार को तरनतारन पहुंचे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को घेरते हुए कहा कि बतौर मुख्यमंत्री पीड़ित परिवारों का हालचाल पूछने में उन्होंने बहुत देर कर दी है। जारी बयान और अपने सोशल मीडिया द्वारा मुख्यमंत्री से भगवंत मान ने कहा कि 29 जुलाई को जहरीली शराब से पहली मौत की खबर आई थी।
इन 10-11 दिनों में करीब 113 मौतें हो चुकी हैं और यह सिलसिला रुका नहीं। पीड़ित परिवारों को दूर-दूर से मिले मुख्यमंत्री सिर्फ 2 की जगह 5 लाख मुआवजा या सेहत बीमा जैसी छोटी मोटी सुविधा से अधिक कुछ नहीं एलान कर सके। भगवंत मान ने कहा कि इस जहरीले धंधे में शामिल विधायक और अन्य कांग्रेसी की आओ भक्त कबूलने के बजाय उन पर तुरंत कत्ल के मामले दर्ज करवाते।