भाजपा सांसद व गायक हंसराज हंस का ससुराल परिवार नगर निगम कपूरथला के चार वार्ड में पहली बार चुनाव हार गया है। जिन वार्ड में शिकस्त मिली है, वहां से वे लगातार तीन बार पार्षद बनते आए हैं। हंसराज हंस की पत्नी के एक भाई एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा कपूरथला में शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज हैं। वह खुद भी लगातार तीन बार पार्षद रहने के साथ-साथ दो बार नगर काउंसिल प्रधान भी रहे हैं।
इस बार गठबंधन से अलग पहली बार निगम चुनाव लड़ने पर वह अपनी पत्नी शमिंदर कौर, बड़ी भाभी किरण कौर, छोटे भाई सुखविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह की सालेहार को जिता नहीं पाए। वार्ड नंबर 41 से हलका इंचार्ज एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा की पत्नी शमिंदर कौर को महज 154, वार्ड नंबर 45 से पम्मा के बड़े भाई रेशम सिंह की पत्नी किरण कौर को महज 180, वार्ड नंबर 46 से छोटे भाई सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा को 457 और वार्ड नंबर 47 से सुक्खा की सालेहार कुलविंदर कौर 272 वोट मिले।
इन चारों को कांग्रेस के उम्मीदवारों ने हराया है। पम्मा की पत्नी शमिंदर कौर लगातार तीन बार पार्षद रहीं हैं और उनके छोटे भाई सुखविंदर सिंह भी पार्षद रह चुके हैं। कपूरथला की अकाली सियासत में उनकी काफी पैठ है लेकिन इस बार उनको चारों वार्ड में करारी पटखनी मिली है।
एडवोकेट परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि जनता का फैसला मंजूर हैं। शायद जनता को उनका काम रास नहीं आए हैं। वह बदलाव चाहती होंगी, इसलिए ऐसे परिणाम सामने आए हैं। दबी जुबान में उन्होंने इस करारी हार के पीछे कांग्रेस की धक्केशाही की ओर भी संकेत दिए। इस बारे में उन्होंने बस इतना ही कहा कि पार्टी हाईकमान की सलाह के बाद जरूरत पड़ी तो परिणामों को चुनौती देंगे।