बठिंडा के 224 वार्डों में से 154 पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीत हासिल कर चुके हैं जबकि 33 वार्ड पर शिअद प्रत्याशी जीते हैं। इसके अलावा जिले की नथाना काउंसिल में आप के तीन प्रत्याशी जीते हैं। बाकी जगहों पर आप का खाता नहीं खुला। भाजपा पूरे जिले में शून्य पर ही सीमित रही। बहुजन समाज पार्टी को भाईरूपा में एक सीट पर जीत मिली है।
रामपुरा फूल तहसील के अधीन आते कोठा गुरु के 11 वार्डों पर कांग्रेस का कब्जा रहा। वहीं अकाली, भाजपा, आप का कोई भी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाया। भगता भाईका के 13 वार्डों में से नौ पर कांग्रेस, तीन पर अकाली दल, एक निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की। गांव मलूका में 11 में से नौ पर कांग्रेसी, दो पर अकाली दल के प्रत्याशी जीते हैं। भाईरूपा में 13 में से आठ कांग्रेस, चार अकाली दल और एक बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी जीत पाया। महराज के 13 में से 10 कांग्रेस, एक अकाली, दो आजाद प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
सब तहसील मौड़ मंडी के 17 में से 13 पर कांग्रेस, एक अकाली दल, तीन आजाद प्रत्याशियों ने जीत प्राप्त की। रामां मंडी के 15 वार्ड में से 11 कांग्रेस, दो अकाली दल और दो आजाद प्रत्याशी जीते।
भुच्चो मंडी के 13 वार्ड में से 11 पर कांग्रेस, दो पर अकाली दल के प्रत्याशी जीत गए हैं। वार्ड नंबर दो से भाजपा के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार बिंटा पार्टी टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़े लेकिन वे हार गए। नथाना के 11 वार्ड में से एक पर कांग्रेस, तीन पर अकाली दल, तीन पर आम आदमी पार्टी जबकि चार आजाद प्रत्याशी जीते हैं। गोनियाना के 13 में से सात पर कांग्रेस छह आजाद प्रत्याशी जीते हैं।
संगत नगर काउंसिल के नौ वार्डो में से दो पर ही कांग्रेस के प्रत्याशी जीत पाए जबकि सात पर अकाली दल के प्रत्याशी विजय रहे। कोटशमीर के 13 में से 10 वार्डो में कांग्रेस, एक अकाली दल, दो आजाद प्रत्याशी जीत गए। कोटफत्ता के 11 वार्डो में से नौ पर कांग्रेस दो आजाद प्रत्याशी विजय रहे। इस बार पूरे जिले में 29 निर्दलीय प्रत्याशियों को चुना गया है। जबकि पिछली बार 50 से अधिक आजाद प्रत्याशी जीते थे।