विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब रोडवेज, मोगा डिपो के जनरल मैनेजर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोपी सुखदीप सिंह के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो फिरोजपुर में भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की खरड़ स्थित रिहायश की तलाशी के लिए विजिलेंस की टीम रवाना हो गई है। डीएसपी विजिलेंस ने बताया कि पंजाब रोडवेज मोगा डिपो के अंतर्गत तकरीबन 18 बसें किलोमीटर के अंतर्गत चलती हैं और इस बारे में भी जांच की जा रही है।
डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार ने बताया कि खुशकरन सिंह निवासी फेस-तीन माडल टाउन बठिंडा और उसके हिस्सेदार हरप्रीत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत की थी कि उनकी पंजाब रोडवेज के अंतर्गत किलोमीटर स्कीम के अंतर्गत चार बसें मोगा से जालंधर तक चलती हैं।
ट्रांसपोर्टर खुशकरन सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने किलोमीटर स्कीम के अंतर्गत बसें चलाने और बसों के किलोमीटर बढ़ाने के लिए आरोपी जनरल मैनेजर सुखदीप सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने बसों के किलोमीटर बढ़ाने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उनको बसें बंद करने का डरावा देकर 19 अगस्त को पांच हजार रुपये ले लिए और बाकी रकम के लिए दबाव डाल रहा था।
डीएसपी विजिलेंस सुरिंदर कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर खुशकरन सिंह की शिकायत के बाद विजिलेंस ने आरोपी के दफ्तर के पास जाल बिछाया। शाम करीब 3.30 बजे जनरल मैनेजर सुखदीप सिंह को ट्रांसपोर्ट से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते सरकारी गवाह सिविल अस्पताल डाक्टर मेडिकल अफसर डा. जशनदीप शर्मा और डा. नितेश कुमार की मौजूदगी में रंगे हाथ काबू कर लिया गया। रिश्वत की रकम दराज में से बरामद हुई है।
उन्होेंने बताया कि आरोपी की खरड़ स्थित रिहायश की तलाशी के लिए विजिलेंस टीम रवाना हो गई है। अगर उनकी रिहायश से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए जिन से यह साबित हुआ हो कि आरोपी ने अपने आमदन स्रोतों से अधिक संपत्ति बनाई है तो उस बारे अलग जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके इंस्पेक्टर बाज सिंह, रीडर इकबाल सिंह भुल्लर, दिलबाग सिंह, हवलदार रेशम सिंह आदि विजिलेंस मुलाजिम मौजूद थे।