उधर, गिद्दड़बाहा नगर काउंसिल चुनाव में वार्ड नंबर 10 और 16 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द हो गए हैं। इस पर रोष जताते हुए शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ नेता हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के नेतृत्व में एसडीएम दफ्तर के समक्ष धरना दिया।
धरने में सुखबीर सिंह बादल पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, एसडीएम गिद्दड़बाहा और डीएसपी के खिलाफ नारेबाजी की। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। अकाली दल के उम्मीदवारों पर कोई भी आंच नहीं आने दी जाएगी और इसका खामियाजा कांग्रेसियों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा जो अधिकारी अकाली कार्यकर्ताओं के साथ ज्यादती कर रहे हैं, उनके नाम उन्होंने नोट कर लिए हैं। अकाली दल की सरकार आने पर सबसे हिसाब किया जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया के चलते रद्द हुए नामांकन : वडिंग
शिअद के धरने के बाद एसडीएम दफ्तर के समक्ष कांग्रेसियों को संबोधित करते हुए विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि सुखबीर बादल कानूनी तौर पर रद्द होने वाले नामांकन पत्रों को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। वे सुखबीर सिंह बादल को याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले नगर काउंसिल चुनाव के दौरान अकाली दल के नेताओं की तरफ से बूथ कैप्चरिंग की गई थी।
कांग्रेस उम्मीदवारों का अपहरण किया गया था, तब लोकतंत्र कहां था। उन्होंने सुखबीर बादल से कहा कि उनके पास ऐसी कौन सी डायरी है जो कभी भरती ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में अकाली दल को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी।