इस शख्स ने अंगदान करके ऐसी मिसाल पेश की कि आप गर्व महसूस करेंगे। इनके कारण 3 लोगों को जिंदगी मिल चुकी है और दो की दुनिया रोशन होगी। पंजाब के नंगल निवासी रशपाल एक रोड एक्सीडेंट में घायल हो गए थे। उन्हें पीजीआई लाया गया। डाक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह जिंदगी की जंग जीत नहीं पाए। तीन जुलाई को पीजीआई ने उन्हें ब्रेड डेड घोषित किया।
बाद में उनकी दोनों किडनी, लीवर और कोर्निया को पीजीआई ने सुरक्षित निकाला और जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किए। पीजीआई इस साल 24 दिवंगत डोनर से अंग निकालकर मरीजों में ट्रांसप्लांट कर चुका है। रशपाल की पत्नी सुलोचना देवी ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके पति हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे।
लिवर भिजवाया एम्स, बनाया ग्रीन कारिडोर
रशपाल के लिवर का पीजीआई व आसपास के अस्पतालों में मैचिंग पेशेंट नहीं मिल पाया। उसके बाद रीजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (रोटो) के अधिकारियों ने नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) से संपर्क किया। नोटो ये मैसेज आसपास के अस्पतालों में भिजवाया। उसके कुछ ही देर बाद ए स में रशपाल के लिवर का मैचिंग मरीज मिल गया। ए स और पीजीआई की टीम ने आपस में कोआर्डिनेट किया।
ए स के टीम पीजीआई पहुंची। मंगलवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर चंडीगढ़ पुलिस की मदद से पीजीआई से लेकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ग्रीन कारिडोर बनाया। एक घंटे के भीतर जेट एयरवेज के विमान से लिवर ए स पहुंचा और मरीज में ट्रांसप्लांट कर दिया गया।