पटियाला के पोलो ग्राउंड में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के लिए वोट मांगने पहुंचे तो उन्होंने पंजाब के साथ अपना नाता भी सबको बताया।
मोदी केसरिया पगड़ी पहनकर मंच पर आए तो मोदी मोदी के नारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। इसके बाद मोदी संबोधन के लिए खड़े हुए तो उन्होंने पंजाबी में सत श्री अकाल के साथ इसकी शुरुआत की। मोदी ने पंजाबी में कहा कि मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि मुझे श्री गुरु तेग बहादुर जी की चरण छोह धरती और श्री काली माता के पावन स्थान पटियाला से अपने पंजाब दौरे को शुरू करने का मौका मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि पंजाब से मेरी बहुत यादें जुड़ी हैं। भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर मैंने यहां काफी समय बिताया है। यहां के खेतो खलिहानों में घूमा हूं। दोस्तों के साथ बारादरी गार्डन में सुबह टहलने जाना याद है। जोड़िया भाटिया चौक में साथियों से गप्पें मारने की सभी यादें ताजा हो गई हैं। आज कई पुराने साथियों के दर्शन करने का मौका मिला है। जब भी पंजाब आता हूं, यहां से स्नेह बढ़ जाता है।
पंजाब से मेरा खून का रिश्ता
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने सिखों से जुड़े कई मुद्दों को एक एक कर उठाया। मोदी ने कहा कि मेरा पंजाब से खून का नाता है। गुरु गोबिंद सिंह के पहले पांच प्यारों में से एक द्वारका से थे।
कच्छ में बनवाया गुरुद्वारा
जामनगर में सबसे बड़ा अस्पताल गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर है। जामनगर जिले में ही द्वारका आता है। उन्होंने लोगों से कहा कि कभी फुर्सत मिले तो लखपत जाकर आना। गुरु नानक देव जी ने वहां विश्राम किया था। वो गुरुद्वारा भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था। तब मैं सीएम था। मैंने कहा कि मुझे वैसा ही गुरुद्वारा बनाना है। उसे बनाने के लिए मैं देश भर में घूमा, मिट्टी लाया। गुरुद्वारा बनाने वाले कारीगरों को लाया। आज कच्छ के रेगिस्तान में गांव लखपत में मैंने वैसा ही गुरुद्वारा बनवा दिया जैसा पहले था। वहां कोई वोट नहीं है। मोदी का सिर गुरुओं के प्रति झुकता है, इसलिए ऐसा किया। सबका साथ सबका विकास भाजपा और एनडीए की पहचान है।