मतदान की तिथि नजदीक आते ही पंजाब में सभी राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों ने अपने प्रत्याशियों के प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। सूबे की तेरह संसदीय सीटों में से एक श्री आनंदपुर साहिब में इस बार मुकाबला कांटे का है। कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंदर सिंगला एमएसपी की गारंटी के नाम पर वोट मांग रहे हैं।
साथ ही राष्ट्रीय स्तर की कांग्रेस की तरफ से दी गईं गारंटियां पंजाब में पूरी करने का भी भरोसा दे रहे हैं। इसी तरह आम आदमी पार्टी के मलविंदर सिंह कंग 'जेल का जवाब वोट से' के नारे व विकास कार्यों के नाम पर लोगों से वोट मांग रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी सुभाष शर्मा नरेंद्र मोदी और राम मंदिर के सहारे हैं। उनका फोकस शहरी वोटर की तरफ ज्यादा लगता है।
इसी वजह से पार्टी प्रत्याशी के साथ नरेंद्र मोदी के खरड़, मोहाली एवं कुराली में बड़े-बड़े बैनर लगे हुए हैं। इनमें किसानों के लिए केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से कराए गए कार्यों और राम मंदिर का भी जिक्र है। वहीं शिअद प्रत्याशी प्रेम सिंह चंदूमाजरा पार्टी के नारों को ही आगे बढ़ा रहे हैं।
क्षेत्रीय पार्टी होने के नाम पर लोगों से वोट मांग रहे हैं। मुकाबला चाहे कांटे का हो लेकिन असल में ये मुकाबला नए बनाम दिग्गज प्रत्याशियों के बीच है। आप के कंग और भाजपा के सुभाष पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं जबकि सिंगला और चंदूमाजरा मंत्री रह चुके हैं और बड़े नेता हैं। राजिंद्र शर्मा और मनीष शिवशंकर की रिपोर्ट।
कंग के लिए मंत्री बैंस व अनमोल ने झोंकी ताकत
आप प्रत्याशी मलविंदर सिंह कंग की बात की जाए तो वह पंजाब विश्वविद्यालय के स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष रह चुके हैं। आप पंजाब के प्रवक्ता हैं और कृषि कानूनों के खिलाफ भाजपा छोड़कर आप में शामिल हुए थे। कंग के चुनाव प्रचार की कमान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने संभाल रखी है।
साथ ही मंत्री अनमोल गगन मान भी प्रचार में जुटीं हैं। संसदीय क्षेत्र में पड़ते 9 में से सात विधानसभा हलकों पर आप का कब्जा है। सरकार होने का भी उन्हें फायदा मिल सकता है।
सिंगला के लिए राणा केपी संभाल रहे मोर्चा
कांग्रेस प्रत्याशी विजय इंदर सिंगला 2009 में संगरूर से सांसद रह चुके हैं। 2017 में वह विधायक भी बने और इससे पहले कांग्रेस युवा कांग्रेस के कई पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
सिंगला के लिए पूर्व विधानसभा स्पीकर राणा केपी ने मोर्चा संभाल रखा है और वह लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करने में भी लगे हुए हैं। चन्नी का भी यहां असर है और सिंगला खुद यूथ प्रधान रहते हुए एरिया में सक्रिय रहे हैं।
चंदूमाजरा रसूख और काडर वोट के सहारे
शिअद प्रत्याशी प्रेम सिंह चंदूमाजरा 1985 से राजनीति में सक्रिय हैं। इससे पहले भी लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। 1998 में उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और 2014 में अंबिका सोनी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
पूर्व सांसद होने के चलते वह एक परिचित चेहरा भी हैं। इस बार चुनाव में उनका अपना रसूख है और शिरोमणि अकाली दल के काडर वोट का भी उन्हें सहारा है।
सुभाष शर्मा को मोदी व राम मंदिर से आस
भाजपा प्रत्याशी सुभाष शर्मा पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। वह पिछले काफी समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं। पंजाब में पार्टी का प्रचार करने और लोगों को जोड़ने में वे काफी सक्रिय रहे हैं।
वे फील्ड में उतरकर काम करने में माहिर हैं इसलिए उन्हें जनता से अच्छा रिस्पांस भी मिल रहा है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव में जीत के लिए उनहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए काम व राम मंदिर का काफी सहारा है।
सरकारों का ज्यादा ध्यान मोहाली, खरड़ व कुराली के विकास पर
आनंदपुर साहिब निवासी पवन कुमार ने कहा कि आप सरकार ने काम जरूर करवाए हैं, लेकिन पिछली सरकार के समय भी काफी काम हुआ है। बिजली को फ्री करने की जगह यूनिट कम करके पिछली सरकार ने अच्छा कदम उठाया था। इससे सभी लोगों को कम बिजली के बिल का लाभ मिला। वैसे सभी सरकारों का ध्यान मोहाली, खरड़ व कुराली तक ही रहा है, लेकिन आनंदपुर साहिब व नंगल तक के एरिया में कुछ खास काम नहीं हुआ है। यही कारण है कि ये एरिया पिछड़ गया है।
धरातल पर कानून व्यवस्था में सुधार करना बेहद जरूरी
रोपड़ निवासी जंग बहादुर ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और दो साल में लोगों की प्रमुख समस्याएं हल नहीं हुई हैं। बिजली फ्री व टोल टैक्स बंद करवाना अच्छा कदम है, लेकिन कानूनी व्यवस्था में सुधार करना जरूरी है। बड़े-बड़े वादे करना काफी नहीं है, बल्कि उनको ग्राउंड स्तर पर उतारना भी जरूरी है। रोपड़ से नवांशहर के लिए एक पुल बन रहा है, जिसका अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। इस वजह से ट्रैफिक समस्या से लोग परेशान हैं।
हालात सुधरे लेकिन विकास के नाम पर देंगे वोट
कुराली के पास एक गांव में चुनाव पर चर्चा कर रहे स्थानीय निवासी लखबीर सिंह ने कहा कि पंजाब में बिजली फ्री हुई है और साथ ही हालात भी पहले से सुधरे हैं, इसलिए वह विकास के नाम पर ही वोट देंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी भी काफी कुछ होना बाकी है और सरकार को लोगों की वास्तविक समस्याओं की तरफ ध्यान देना चाहिए।
जो मुद्दों को करेगा हल उसी को चुनेंगे नेता
रोपड़ निवासी इंदरजीत सिंह ने कहा कि चुनाव से असली मुद्दे गायब हैं। राजनीतिक दल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीतिक कर रहे हैं। जब तक असली मुद्दों पर बात नहीं होगी, तब तक हालात नहीं सुधर सकते। जो भी लोग असल मुद्दों को लेकर उनके बीच आएंगे और उनकी मांगें पूरी करेंगे, उनका वोट इस बार उनको ही जाएगा।
रोजगार के लिए किसी ने नहीं किया काम, मजबूरी में विदेश जा रहे युवा
मुकेश कुमार ने बताया कि रोजगार एक बड़ा मुद्दा है। किसी भी राजनीतिक दल की तरफ से रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कोई काम नहीं किया गया है। आनदंपुर साहिब के एरिया के अधिकतर युवा विदेशों का रुख रहे हैं, क्योंकि यहां काम की कमी है। सरकारी नौकरी सभी को नहीं मिल सकती है, इसलिए इंडस्ट्री लाने के लिए काम किया जाना चाहिए, ताकि नौकरियां पैदा की जा सकें। कौशल विकास योजनाओं को भी बढ़ावा देने की जरुरत है।
17.27 लाख मतदाता करेंगे अपना प्रतिनिधि
आनंदपुर साहिब की सीट पर कौन बाजी मारेगा, ये 17.27 लाख मतदाता तय करेंगे, जिसमें 9.01 लाख पुरुष और 8.25 लाख महिला मतदाता हैं। साथ ही 63 थर्ड जेंडर मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।