‘मृत्यु के शिखर पर’ नाटक का मंचन
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पंजाब कला भवन में बुधवार से डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स एंड पब्लिक रिलेशन, हरियाणा और पंजाब आर्ट्स कांउसिल और रूपक कला वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से थिएटर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। फेस्टिवल के दूसरे दिन रूपक कला एंव वेलफेयर सोसाइटी के कलाकाराें की ओर से ‘मृत्यु के शिखर पर’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक का लेखन पांडुलिक नायक और निर्देशन संगीता गुप्ता ने किया।
नाटक में दिखाया गया कि एक व्यक्ति विज्ञापन देता है कि मेरे पास सभी समस्याआें का हल है। यह पढ़ कर एक युवक उसके पास आता है और कहता है मैं बहुत दुखी हूं। मेरे ऑफिस में समस्या है, मेरी गर्लफ्रेंड मेरी बात नहीं मानती है। इस पर वह व्यक्ति उस युवक को कहता है उस चोटी पर चढ़ जा और छलांग लगा दे तेरी सारी तकलीफ दूर हो जाएगी। युवक चोटी पर चढ़कर जब नीचे देखता है तो वहां नदी होती है। वह डर जाता है, इस पर दूसरा व्यक्ति उसे कहता है कूद जा तभी तेरी समस्या हल होगी।
इस बात से सहमत होकर वह छलांग लगा देता है और नदी में गिर जाता है। गिरने के बाद बहुत हाथ पैर मारने के बाद अपनी जान बचा कर किनारे पर पहुंचता है। तभी वह व्यक्ति उसके पास पहुंचता है और कहता है कि देख तूने अपने आप ही खुद को बचाया है न, ऐसे ही तेरे जीवन की सारी समस्या हल हो जाएगी। इस बात पर छलांग लगाकर जान बचाने वाले युवक को उसकी बात समझ आ जाती है कि समस्या का हल करने पर ही वह सुलझेंगी। नाटक में विनोद कुमार, सर्वेश कुमार, ऋतिका कादियान, गगनदीप सिंह, अदित्य शर्र्मा शामिल रहे।