पंजाब कला भवन में अजौबा थिएटर ग्रुप ने नाटक का किया मंचन
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भारत-पाक में बंटवारे और कई बार एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई हो चुकी है। इसके बावजूद भी कई लोग ऐसे हैं जो अपने देश वापस जाना चाहते हैं। लेकिन वीजा न होने के कारण वह जा नहीं सकते। इसी दर्द को ‘अन्नी मां द सुपना’ नाटक के जरिए पाकिस्तानी कलाकारों ने दर्शाया। वीरवार को अजोका थिएटर ग्रुप ने पंजाब कला भवन सेक्टर-16 में इस नाटक का मंचन किया गया।
नाटक सच्ची घटनाओं पर आधारित है। इसमें मुख्य तौर पर दो लोगों के जीवन को दिखाया गया। एक बुजुर्ग पुरुष पाकिस्तान में है जो कि अपनी नाती की शादी में भारत आना चाहता है। लेकिन वीजा नहीं होने के कारण वह आ नहीं पाता है। जिस दिन नाती की शादी होती है तो उस दिन वह सपने में ही अपनी बेटी का कन्यादान कर देता है।
वहीं, दूसरी तरफ एक अंधी महिला की स्टोरी है जो कि भारत में है और वह बचपन का एक सच अपनी सहेली को बताना चाहती है। वह जीवन भर कोशिश करती है कि पाकिस्तान जाएं, लेकिन वह जा नहीं पाती है।
नाटक में पाकिस्तानी पुरुष की भूमिका भारत के कलाकार डॉक्टर साहिब सिंह ने अदा की, जबकि भारतीय महिला की भूमिका पाकिस्तानी कलाकार समीना भट्ट ने अदा की। नाटक का निर्देशन कोलकाता की ऊषा गांगुली ने किया। इस मौके पर अजौबा थिएटर ग्रुप की डायरेक्टर मदीहा गौहर ने कहा कि नाटक सच्ची घटनाओं पर आधारित है। वर्ष 2011 में अमृतसर का एक व्यक्ति पाकिस्तान गया था। वहां उसने इच्छा जताई कि वह लाहौर में अपने पैतृक घर जाए। लेकिन वहां जाने में वर्षों लग गए। पाकिस्तान से आने के बाद सप्ताह भर में 80 साल की उम्र में उनका देहांत हो गया।
पाकिस्तान में काबिल और रईस ने जमकर कमाई की
गौहर ने कहा कि कुछ समय पहले भारत ने पाकिस्तानी कलाकारों का बहिष्कार किया था। वह वापस चले गए। कुछ समय के लिए वहां पर भारतीय सिनेमा को बंद कर दिया गया है। इसके बाद समय ने करवट ली और दोबारा भारतीय हिंदी फिल्में देखी जा रही है। बद्रीनाथ की दुल्हनिया को दिखाया जा रहा है। इससे पहले काबिल और रईस ने भी वहां पर जमकर कमाई की है।