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'इस उम्र में' यह क्या हो गया, जब लेखक को कोई जवाब नहीं सूझा

Thu, 01 Dec 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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इस उम्र में नामक नाटक का मंचन - फोटो : अमर उजाला
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तीसरे टीएफटी संस्कार भारती नाट्य समारोह के अंतिम दिन ‘इस उम्र में ’ नामक नाटक का मंचन किया गया। नाट्य समारोह पंजाब कला भवन सेक्टर-16 में आयोजित किया गया। यह नाटक उम्र और सुखात नामक दो कहानियों पर अधारित रहा। 
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दोनों कहानियां सरल व्यंगात्मक है जो हमारे समाज मैं रहने वाले विदुर सदस्यों की स्थिति और हमारी लाचारिता को दर्शाती हैं। पहली कहानी में लेखक एक विदुर व्यक्ति को कुछ कार्य करने के लिए कहता है परन्तु जब वही विदुर व्यक्ति उस लेखक से कुछ प्रश्न करता है तो लेखक के पास कोई उत्तर नहीं होता। दूसरी कहानी में एक सरकारी कर्मचारी अपने स्टेनोग्राफर की पुत्री के साथ अधिक स्नेह रखता है और जब वो युवती अपने प्रेमी के साथ भाग जाती है तो अपने स्टेनोग्राफर को समझाता है की उसकी पुत्री ने सही निर्णय लिया। इस नाटक का निर्देशन दवेंद्र राज अंकुर ने किया। देवेन्द्र राज अंकुर को उनके इस योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी दिया गया है। 
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