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कर्ज के बोझ तले दब रहा पंजाब: सूबा सरकार पर साढ़े तीन लाख करोड़ से ज्यादा का ऋण, हर साल बढ़ रहा आंकड़ा

Sat, 20 Apr 2024 01:39 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब सरकार ने वर्ष 2022-23 में 47,262 करोड़, 2023-24 में 49,410 और 2023-24 में 44,031 करोड़ रुपये कर्जा लिया है। इस हिसाब से पंजाब में वर्ष 2027 तक कुल पांच लाख 50 हजार रुपये का कर्ज हो सकता है। कर्ज की अदायगी समय से न करने से भी यह बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
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पंजाब पर बढ़ रहा कर्ज - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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कभी देश के संपन्न राज्यों में शुमार पंजाब अब लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। प्रदेश सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार सूबे पर 3,53,600 करोड़ रुपये का कर्ज है। यानी सूबे के हर व्यक्ति पर करीब एक लाख 12 हजार रुपये का ऋण है। यह ऋण साल दर साल बढ़ रहा है। राजनीतिक दल इसके लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, लेकिन कोई भी संसाधनों पर जोर देता नहीं दिख रहा है। संसाधनों को विकसित करने के बजाय कर्ज लेकर सरकारें काम चला रहीं हैं।

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पंजाब पर अब तक कुल 3,53,600 करोड़ रुपये का कर्ज है। प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या 3.17 करोड़ है। इस हिसाब से पंजाब में हर नागरिक पर करीब एक लाख 12 हजार रुपये का कर्ज है। चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसके चार लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। पंजाब में चाहे जिसकी भी सरकार हो अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए कर्ज लेती रही है। 

पंजाब की मौजूदा सरकार ने इस बार के बजट में यह दावा किया है कि उन्होंने जो पुराना कर्ज लिया है, उसमें से ऋण का 12,866.56 करोड़ रुपये का मूलधन और 23,900 करोड़ रुपये ब्याज चुकाया है। 
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पंजाब पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए प्रदेश की मौजूदा सरकार का कहना है कि वह 1,03,936 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाएंगे। टैक्स के जरिये पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में 58,900 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने की रणनीति तैयार की है। इसके अलावा नॉन टैक्स रेवेन्यू की मद में 11,246.33 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है। सेंट्रल टैक्स से 22,041.48 करोड़ और केंद्र से मिलने वाली ग्रांट इन ऐड के रूप में 11,748.38 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है।

पंजाब पर बीते 6 सालों ऐसे बढ़ा कर्ज का ग्राफ
वित्तीय वर्ष                     बकाया कर्ज (रुपये करोड़ में )

2019-20                             2,29,354
2020-21                             2,49,673
2021-22                             2,61,281
2022-23                             2,93,729
2023-24                             3,23,135
2024-25                             3,53,600

चालू वित्त वर्ष में इतना राजस्व जुटाने का लक्ष्य
टैक्स श्रेणी                       वित्तीय वर्ष 2024-25
जीएसटी                              25,750 करोड़ 
वैट                                       8,550 करोड़ 
स्टेट एक्साइज                     10,350 करोड़ 
स्टांप और रजिस्ट्रेशन से         5,750 करोड़ 
वाहनों पर टैक्स से                4,350 करोड़ 
इलेक्टि्रसिटी ड्यूटी             3,500 करोड़ 
अन्य                                  650 करोड़ 
कुल                                    58,900 करोड़ 

नॉन टैक्स स्रोतों से राजस्व जुटाने का लक्ष्य
वर्ग                                                       वित्तीय वर्ष 2024-25

अन्य स्रोतों से आमदन के जरिये                     3,843.22 करोड़ 
पंजाब रोडवेज                                                400 करोड़ 
हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट                        2,530 करोड़ 
अन्य                                                         4,473 करोड़ 
कुल                                                        11,246.33 करोड़

पुरानी सरकारों के बकाया चुका रहे हैं हम
हमारी सरकार ने जनता के ऊपर कोई नया टैक्स या किसी सुविधा के दाम नहीं बढ़ाए हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। पुरानी सरकारों ने प्रदेश पर जो कर्ज चढ़ाया था, हम उसकी भरपाई भी कर रहे हैं। हमने 12 हजार करोड़ से ज्यादा का मूलधन और 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ब्याज दिया है। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में हम राजस्व के नए रास्ते खोल रहे हैं, जिससे जनता पर भी कोई बोझ नहीं बढ़ेगा।  - हरपाल सिंह चीमा, वित्तमंत्री, पंजाब सरकार

वित्तीय एक्सपर्ट से कराया जाए ऑडिट

सरकार की ओर से वर्ष 2022 से अब तक लिए गए कर्जों का फाइनेंशियल एक्सपर्ट से ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि सूबे को इस वित्तीय इमरजेंसी से बचाया जा सके। मौजूदा सरकार ने पंजाब रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट संशोधन-2023 में दो क्लॉज बदले हैं जिससे सरकार जब चाहे और जितना मर्जी कर्जा उठा सकती है। इस हिसाब से पंजाब में वर्ष 2027 तक कुल पांच लाख 50 हजार रुपये का कर्ज हो जाएगा। - नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व प्रधान, पंजाब कांग्रेस

हमारी सरकार ने राजस्व बढ़ाने पर दिया बल

पंजाब में हमारी सरकार लंबे समय तक रहीं। हमने उतना ही कर्ज उठाया जितनी जरूरत थी। हमारा प्रयास हमेशा रहा कि प्रदेश में किस प्रकार उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देकर हम सरकार का राजस्व बढ़ा सके। लेकिन मौजूदा सरकार जिस कदर कर्जा उठा रही है, वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश बुरी तरह कर्ज से दबा होगा। - सुखबीर बादल, प्रधान, शिअद

सरकार के पास खुद का विजन नहीं

इस बार के बजट में सरकार ने दो लाख करोड़ रुपये के बजट पास कर अपनी उपलब्धि बताई थी। गौर से देखें तो कर्ज चार लाख करोड़ के पार होने वाला है। पंजाब में विकास के नाम पर कर्जा लेकर काम चलाया जा रहा है, सरकार के पास खुदका कोई विजन नहीं है। - सुनील जाखड़, अध्यक्ष, पंजाब भाजपा
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उत्पादन बढ़ाने पर ही खर्च हो कर्ज 

सरकारों की ओर से जो कर्ज लिया जाता है, उसे ऐसे काम में लगाना चाहिए जो उत्पादन बढ़ाने वाले हों। उससे सरकार का राजस्व या आमदन बढ़नी चाहिए। सबसे बड़ी बात कि यह कर्ज प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, रोजगार के नए साधन खोलने और बेहतरी के लिए खर्च होना चाहिए। सरकार की ओर से लिए गए कर्ज को मुफ्त की योजना पर खर्च नहीं करना चाहिए। इससे कर्ज का उचित उपयोग नहीं होता। कहीं न कहीं आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न होती है। देखने में आता है कि कई बार सरकारों के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं होते। यह इसी वजह से होता है जब हम कर्ज के पैसों को प्रोडक्टिव तौर पर इस्तेमाल नहीं करते। - उपिंदर साहनी, अर्थशास्त्री एवं पूर्व प्रोफेसर, पंजाब यूनिवर्सिटी

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