पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद अब तक तीन बार गण्यमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा में कटौती की गई है। साथ ही इसकी सूचना भी तुरंत सार्वजनिक कर दी गई है, जिससे ऐसे व्यक्तियों को खतरा और बढ़ गया है। मूसेवाला की हत्या में सरकार की इस लापरवाही को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
सरकार ने 10 से चार फिर कर दिए दो सुरक्षाकर्मी
मूसेवाला की सुरक्षा में पहले 10 गनमैन तैनात थे जिन्हें घटाकर चार कर दिया गया था। लेकिन शनिवार को राज्य सरकार ने इन 4 गनमैन में से भी 2 को वापस बुला लिया। इस तरह साफ तौर पर पंजाब पुलिस की खुफिया विंग मूसेवाला को गैंगस्टरों से खतरे को नहीं भांप सकी। दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से गैंगस्टरों से निपटने के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का भी गठन किया गया था, जिसकी उपलब्धियां अब तक शून्य हैं।
यह टास्क फोर्स एक भी वारदात को हल नहीं कर सकी और ना ही इस फोर्स के हाथ अब तक कोई बड़ा गैंगस्टर आया है। मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली है जो कि पंजाब की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का साथी है। लगातार हो रही वारदातों से साफ है कि गैंगस्टरों में पंजाब पुलिस और उसकी खुफिया एजेंसियों का कोई खौफ नहीं है।
पाकिस्तान से गैंगस्टरों के पास पहुंच रहे हथियार
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई व उनकी गोद में बैठे आतंकवादियों ने पंजाब का माहौल खराब करने के लिए यहां के गैंगस्टरों को आधुनिक हथियार मुहैया करवाने शुरू कर दिए हैं। प्राथमिक जांच में ही सामने आया है कि गैंगस्टरों ने तीन तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था। पंजाब के खुफिया विभाग के जांच अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान से 30 चीन निर्मित पिस्तौल भी भारी मात्रा में भेजे गए हैं, जिसे पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भेजा गया था।
एजेंसियों के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे हथियार भेजे जा रहे हैं, जो साइज में छोटी होने के कारण आसानी से जेब में आ जाते हैं। इसके अलावा पंजाब में गैंगस्टरों के पास एके-47 भी पाक से पहुंच चुकी है। ऐसा सामने आ रहा है कि जिन आतंकियों ने मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमला किया था, उनके पास लांचर के अलावा आधुनिक हथियार भी थे। पंजाब में लगातार ड्रोन के जरिये ड्रग व हथियारों की सप्लाई की जा रही है, जिससे काफी खतरा बढ़ चुका है। पंजाब में फिरोजपुर सेक्टर से ही लगातार हथियार व ड्रोन को पंजाब में भेजा गया है।