चंडीगढ़। चार साल पहले पदोन्नति के नाम पर रिश्वत लेते पकड़े गए पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी परमजीत सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब उन्हें रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का भी सामना करना पड़ेगा।
सीबीआई ने जनवरी 2022 में परमजीत सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उस समय वह पंजाब परिवहन विभाग में निदेशक के पद पर तैनात थे। आरोप था कि उन्होंने विभाग के एक कर्मचारी से प्रमोशन के बदले रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच के बाद ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला पाया। करीब चार साल की जांच के बाद अब ईडी ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
घर से मिला था 49 लाख कैश
रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने परमजीत सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू की। तलाशी के दौरान उनके आवास से 49 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जांच में सामने आया कि अधिकारी ने ज्ञात आय से 1228 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। उनके पास 59 लाख रुपये ऐसी राशि भी पाई गई जिसका कोई वैध हिसाब नहीं मिला। इसके बाद सितंबर 2022 में सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग से केस दर्ज किया। इन मामलों को आधार बनाकर ईडी ने भी जांच शुरू की। सीबीआई के अनुसार 28 जनवरी 2022 को विभाग के ही एक कर्मचारी ने शिकायत दी थी कि उसकी पदोन्नति लंबित थी। परमजीत सिंह उस समय डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी के प्रमुख थे। आरोप है कि प्रमोशन के बदले उन्होंने पहले पांच लाख रुपये की मांग की और बाद में दो लाख रुपये में सौदा तय किया। इसी दौरान सीबीआई ने ट्रैप लगाकर उन्हें पकड़ लिया।