पाकिस्तान की जेल में बंद नानक सहित अन्य भारतीयों को वापस लाने को लेकर दिए गए केंद्र सरकार के जवाब पर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। पुरजोर तरीके से प्रयास कर रही है। ये लोग गलती से बार्डर पार कर पाकिस्तान में घुस गए थे। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी गई। केंद्र के प्रयास को याची द्वारा नाकाफी करार देने पर हाईकोर्ट ने कहा कि जब विदेशमंत्री खुद इस तरह के मामलों में दिलचस्पी ले रही हैं, तो भी याची संतुष्ट नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि अब याची क्या चाहता है कि हम पाकिस्तान सरकार को अवमानना के तहत कोर्ट में खड़ा करें या जेम्स बांड की सर्विस ली जाए जो सबूत जुटा कर लाए। याची ने कहा कि उसे बहस के लिए कुछ समय दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई टाल दी। लाहौर की कोट लखपत जेल में नानक सिंह के होने की बात कहते हुए उसे वापस लाने के लिए याचिका दाखिल की गई है।
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ़ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि नानक सिंह के लाहौर की कोट लखपत जेल में होने से पाकिस्तान इंकार कर चुका है और पाकिस्तान यह मानने को तैयार नहीं है कि इस नाम का कोई व्यक्ति जेल में है। बावजूद इसके पाकिस्तान में भारतीय दूतावास द्वारा मंत्रालय को इस बारे में पत्र लिखा गया है।
इस मामले में डिप्लोमेट स्तर पर वार्ता लगातार जारी है और खास तौर पर तब जब विदेशमंत्री इस तरह के मामलों में दिलचस्पी ले रही हैं तो इस याचिका को लंबे समय तक चलाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसे कोई सबूत नहीं है जिससे यह दावा किया जा सके कि नानक जेल में मौजूद है। दूतावास ने जो पत्र लिखा है उसमें केवल कोटाला जेल ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की सभी जेलों में नानक के होने की संभावना तलाशने की मांग की गई है।