तेजाब फेंक कर जिंदगी नर्क बनाना हत्या से भी जघन्य अपराध है। ऐसा करने वाले को वो सजा दी जानी चाहिए कि रूह तक कांप जाए। सजा सख्त होगी तो वह ऐसा अपराध करने का दोबारा साहस ही नहीं करेगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को एसिड अटैक की सजा बढ़ाने पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा और इलाज का पूरा खर्च सरकार दे रही है और यह उनकी जिम्मेदारी भी बनती है। लेकिन 8-10 लाख देकर पीड़ितों के दर्द को कम नहीं किया जा सकता।
उन्हें नौकरी देकर उनका पुनर्वास किया जाना भी बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से अब तक हुए एसिड अटैक के सभी मामलों की जानकारी मांगी है ताकि फिर इस मुद्दे को लेकर आदेश जारी कर सके।