हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला शासन काल साल 2000 में नियुक्ति पाने वाले 3206 जेबीटी शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल आ गए हैं। इन शिक्षकों को हटाने के सिंगल बेंच के आदेश दिए थे परंतु डिवीजन बेंच ने अपील पर सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद प्रभावित शिक्षकों ने भर्ती रद्द करने के आदेशों पर लगी रोक हटाने की अपील की थी।
इस मामले में जवाब मांगे जाने पर भी जब जवाब दाखिल नहीं किया गया तो हाईकोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि अगली सुनवाई से पहले स्टे हटाने की अर्जी पर जवाब नहीं आता है तो स्टे को हटा दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। अगर एकल बेंच के आदेश पर लगी रोक हटती है तो इससे सीधे-सीधे 17 साल से काम कर रहे 2968 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द हो जाएगी।
हरियाणा में वर्ष 2000 में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने लंबी सुनवाई के बाद 8 जनवरी 2014 को हरियाणा 3206 जूनियर बेसिक ट्रैन्ड टीचर्स (जेबीटी) शिक्षकों की भर्ती में अनियमित्ता पाए जाने पर 2984 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी थी।
हाईकोर्ट के जस्टिस के कन्नन ने अपने तीस पेज के आदेश में 4 सप्ताह में नए सिरे से मैरिट लिस्ट तैयार करने के भी आदेश दे दिए थे। इन आदेशों के बाद इन सभी शिक्षकों को हटाया जाना था परंतु शिक्षकों की ओर से याचिका दाखिल कर सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच में चुनौती दे दी गई थी। डिवीजन बेंच ने याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद इन शिक्षकों को हटाने केसिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी।