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HCS पेपर लीक मामले में हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कोर्ट की प्रतिष्ठा पर नहीं उठने देंगे उंगली

Fri, 31 Aug 2018 11:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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एचसीएस जूडिशियल पेपर लीक मामला हाईकोर्ट की प्रतिष्ठा पर उंगली उठाने वाला है और वह भी कोर्ट के ही एक उच्च अधिकारी का इसमें नाम आने के कारण। हम यह सुनिश्चित करेंगे की कोर्ट की प्रतिष्ठा पर उंगली न उठे और दोषियों को उनके किए की सजा मिले। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की यह टिप्पणी पेपर लीक मामले की फुल बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान आई है। वीरवार को सुनवाई आरंभ होते ही चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने जांच की सील बंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की।
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एसआईटी ने कहा कि यह मामला लगातार प्राथमिकता के आधार पर समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रहा है। इसी के चलते जिन आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है,  वे अंडरग्राउंड हो गए हैं और उन्हें पकड़ना एसआईटी के लिए मुश्किल हो रहा है। हालांकि आरोपियों को पकड़ने के लिए यूटी पुलिस हरियाणा पुलिस के भी संपर्क में है। एसआईटी ने कहा कि हमें जांच पूरी करने के लिए कुछ और समय दिया जाए।

यह था मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस जूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। उसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई जिसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी।
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जब याची ने सुशीला से पूछा तो सुशीला ने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। सुशीला ने याचिकाकर्ता को 6 सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो जो सवाल उसे बताये गए थे वे परीक्षा में आये थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनिस्ट्रेटिव साइड पर दी।
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