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पाकिस्तान में कैद नानक सिंह को लेकर कठघरे में मोदी सरकार, हाईकोर्ट ने किया तलब

Thu, 09 Mar 2017 08:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नानक सिंह की मदद को आगे आईं सुषमा स्वराज
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पाकिस्तान की जेल में कैद नानक सिंह को लेकर हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी की सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। साथ ही नोटिस जारी के तलब किया। अमृतसर के अजनाला के रहने वाले एक पांच साल के बच्चे नानक सिंह के 33 साल पहले 1984 में पशु चराते हुए गलती से पाकिस्तान की सरहद में चले जाने के मामले में उसकी वतन वापसी की मांग की गई है।
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जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ ने इस याचिका पर गृह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के सचिव से नानक की वतन वापसी के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार से भी जवाब तलब किया है। फाजिल्का के स्वर्ण सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर बताया कि अजनाला का एक गांव पाकिस्तान की सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है।

इस गांव के एक गरीब परिवार का 5 वर्षीय बेटा नानक वर्ष 1984 में पशुओं को चराते हुए गलती से पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। इस बारे में इस बच्चे के पिता ने अपने बेटे को वापस लाए जाने के सभी संभव प्रयास किए। बीएसएफ के सामने भी इस मुद्दे को उठाया गया।
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परिजनों ने की वतन वापिस लाने की मांग

पाकिस्तान के बजरंगी भाईजान ने ढूंढ निकाली नानक सिंह की फैमिली
1999 में बीएसएफ को पाकिस्तान की ओर से उनकी जेल में रह रहे भारतीय कैदियों की एक सूची सौंपी गई। इस सूची में नानक सिंह का नाम कक्कर सिंह लिखा था, लेकिन उसके पिता और गांव के नाम सहित अन्य ब्यौरा यह साबित करता था कि वह नानक सिंह ही है। 2005 में इस बच्चे के पिता रतन सिंह को बीएसएफ ने पत्र के माध्यम से बताया कि कुछ आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में उनके बेटे को नहीं खोज पा रहे हैं।

स्वर्ण सिंह ने कहा कि अब वह 5 वर्षीय बच्चा 37 वर्ष की आयु का व्यक्ति होगा और अब भी बिना किसी जुर्म के पाकिस्तान की जेल है। लंबे समय से केंद्र सरकार सहित राज्य सरकार से गुहार लगाते हुए बेटे को पाकिस्तान से भारत लाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक उसकी वतन वापसी नहीं हो पाई है। लिहाजा, अब इस मामले को हाईकोर्ट लाना पड़ा।

हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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