चंडीगढ़ की एकमात्र नाइट फूड स्ट्रीट कानूनी पचड़े में फंस गई है। इसमें जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और टॉयलेट में बिजली की सुविधा तक नहीं है। कोर्ट मित्र की इस रिपोर्ट ने शुक्रवार को प्रशासन के दावों की कलई खोल कर रख दी है। प्रशासन ने दावों को गलत बताने का प्रयास किया तो कोर्ट मित्र ने फोटो थमा दी जो उन्होंने वहां खींची थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को खूब फटकार लगाई और अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
इस मामले में हाईकोर्ट को सहयोग कर रहे सीनियर एडवोकेट अतुल लखनपाल ने शुक्रवार को हाईकोर्ट को बताया कि बार-बार नाइट फूड स्ट्रीट की बदहाल स्थिति बताने और प्रशासन द्वारा बार-बार इसे दुरुस्त करने के दावों के बाद भी वहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और साफ़-सफाई पूरी तरह से नदारद है। पुरुष और महिलाओं के लिए बनाए गए टॉयलेट्स में बिजली तक की सुविधा नहीं है। यहां देर रात सुरक्षा के लिए कोई पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं होता है।
अतुल लखनपाल ने नाइट फूड स्ट्रीट का दौरा कर हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कुछ फोटो भी दिखाए जिसमे यहां की सफाई और सुरक्षा के प्रशासन के दावों की पूरी पोल खोल कर रख दी है। हालाँकि चंडीगढ़ प्रशासन ने हाई कोर्ट को बताया था कि यहां सब कुछ दुरुस्त है लेकिन लखनपाल द्वारा फोटो दिखाने के बाद हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन से जवाब तलब कर लिया है।
एमिकस क्यूरी देंगे सुधार संबंधी सुझाव
साथ ही हाईकोर्ट ने अब नाइट फ़ूड स्ट्रीट में क्या सुधार किया जा सकता है, इसके लिए लखनपाल को सुझाव देने के निर्देश दिए हैं। बता दें की इससे पहले भी यहां रात के समय सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं होने पर हाईकोर्ट प्रशासन को कड़ी फटकार लगा चुका है।
हाईकोर्ट ने तो प्रशासन को यहां तक कह दिया था की अगर आपसे यह नाइट फूड स्ट्रीट सही तरह से नहीं चलाई जा सकती है तो क्यों न इसे बंद कर दिया जाये। हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन ने यहां साफ सफाई कर पुलिस कर्मियों की रात में तैनाती कर दी थी। अब दोबारा की यहां की बदहाल व्यवस्था की हाईकोर्ट को जानकारी दी गई है।