ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम पर रोक लगाने की मांग की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि 100 से ज्यादा जान ले चुकी ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम और इससे जुड़े समाचारों को प्रकाशित करने पर रोक लगाने की अपील करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है।
याचिका में कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार के पास इस बात की पॉवर है की वो इस गेम पर रोक लगा सकती है और देश में गेम की वेबसाइट या एप्लीकेशन को ब्लॉक कर सकती है। इस जनहित याचिका में यह भी मांग की गई हैं।
इस गेम को लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी समाचार प्रकाशित न करें, क्योंकि मीडिया के चलते ही यह गेम काफी चर्चा में आ गई है और कई ऐसे युवा भी अब इस गेम की गिरफ्त में फंस सकते हैं, जिन्हें अब तक इस गेम के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी।
एडवोकेट हितेश कपिलेश ने दायर की थी याचिका
ब्लू व्हेल
- फोटो : demo photo
इस मामले को लेकर एडवोकेट हितेश कपिलेश ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि हाल ही में ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम के कारण देश में ही कई जगहों से युवाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें आ रही हैं। इस ऑनलाइन गेम का स्वरूप ही ऐसा है कि इसमें 50 दिनों के भीतर कई टास्क पूरे करने होते हैं और अंत में यह गेम इसे खेलने वाले के भीतर इतना दबाव पैदा देता है कि खेलने वाला मरने के लिए प्रेरित हो जाता है, जिसके चलते कुछ ही दिनों में कई युवा आत्महत्या कर चुके हैं।
याचिकाकर्ता ने बताया कि हाल ही में इस खेल के जाल में फंसकर कई युवाओं द्वारा आत्महत्या किए जाने के कारण देश भर में बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है। इस गेम के कारण अब तक विश्वभर में 100 से ज्यादा युवा और किशोर अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता ने अब हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस ब्लू व्हेल ऑनलाइन गेम पर पूरी तरह से पाबंदी लगाए जाने की मांग की है।
वीरवार को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में यह जनहित याचिका दायर कर दी गई है। इस पर हाईकोर्ट सोमवार को सुनवाई कर सकता है। इस जनहित याचिका में यह भी मांग की गई है कि इस गेम को लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया भी ज्यादा समाचार प्रकाशित न करें क्योंकि मीडिया के चलते ही यह गेम काफी चर्चा में आ गई है और कई ऐसे युवा भी अब इस गेम की गिरफ्त में फंस सकते हैं, जिन्हे अब तक इस गेम के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी।