पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल अदालतों में सुनवाई संभव नहीं है। यह फैसला कोरोना के चलते पैदा हुए हालात और आने वाले दिनों में संक्रमितों की संख्या बढ़ने की आशंका के मद्देनजर लिया गया है। हाईकोर्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट प्रशासन केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप हालात पर नजर बनाए हुए है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ सप्ताह में कोरोना से स्थिति गंभीर हो सकती है। उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुरूप हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में 70 प्रतिशत अदालतें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए काम कर रही हैं। हाईकोर्ट में वर्तमान में 4 खंडपीठ और 30 सिंगल जज सुनवाई का कार्य कर रहे हैं और रोजाना करीब 1200 केस सुने जा रहे हैं।
लॉकडाउन के बाद 24 मार्च से 30 सितंबर के बीच हाईकोर्ट में 58981 केस फाइल हुए, जिनमें से 48769 मामलों में सुनवाई हुई जबकि 23474 केस का निपटारा किया गया। इसी दौरान पंजाब की जिला अदालतों में 189056 केस फाइल हुए जबकि निपटारा 77246 केस का हुआ। हरियाणा की अदालतों में 187344 नए केस आए जबकि 70,439 केस का निपटारा किया गया।
चंडीगढ़ की जिला अदालत में 7418 केस आए और 2434 का निपटारा किया गया। हाईकोर्ट की ओर से बताया गया कि ज्यादातर जिलों की बार एसोसिएशन की ओर से अदालतों में सुनवाई आरंभ करने की मांग ही नहीं की जा रही है। इसके साथ ही जिला अदालतों को आदेश दिए गए हैं कि जिन श्रेणियों में अदालतों में सुनवाई हो रही है उनकी संख्या को बढ़ाया जाए।