नौकरी से दिए गए इस्तीफ को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फरमान सुनाया है। हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि कर्मी की ओर से दिया गया इस्तीफा अथॉरिटी स्वीकार कर लेती है, तो ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि इस्तीफा वापस लिया जा सके। जस्टिस पीबी बजंतरी का यह फैसला तरनतारन सिविल कोर्ट के एक कर्मी की याचिका को खारिज करते हुए आया है।
याचिका में कहा गया कि याची कॉपिस्ट के तौर पर तरनतारन सिविल कोर्ट में कार्यरत था। याची ने फरवरी 2014 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मार्च 2014 में संबंधित अथॉरिटी ने उसका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके तत्काल बाद ही याची ने अपने इस्तीफे की अर्जी को वापस लिए जाने की मांग करते हुए अर्जी दी। अथॉरिटी ने इस अर्जी को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद याची ने फिर से अर्जी दी जिसे सितंबर 2014 में खारिज कर दिया गया।
याची ने दलील देते हुए कहा कि उसका एक्सीडेंट हो गया था और इसी के चलते ऐसी परिस्थितियां बनी, जिसके कारण याचिकाकर्ता ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में उसे गलती का एहसास हुआ तो उसने अपना इस्तीफा वापस लेने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि एक बार इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया तो ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है कि इस्तीफा वापस लिया जा सके। लिहाजा किसी भी आधार पर इस्तीफा वापस लेने की अर्जी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।