फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौनिहाल सिंह का मामला दूसरे बैंच को रेफर

Wed, 11 Dec 2013 01:22 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी के एसएसपी नौनिहाल सिंह पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाकर सुरक्षा की गुहार लगाने वाली याचिका को दूसरी बेंच के पास रेफर कर दिया है।
विज्ञापन


मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस रेखा मित्तल ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर इसे अन्य बेंच के पास रेफर करने के निर्देश जारी कर दिए।

एसएसपी के खिलाफ उनके ही दोस्त लुधियाना निवासी जसविंदर वालिया ने हाईकोर्ट में प्रोटेक्शन अपील दाखिल की है।

करीब 600 पन्नों की इस याचिका में कई व्यक्तिगत और व्यवसायिक मामलों का हवाला देकर एसएसपी नौनिहाल सिंह पर विश्वासघात का आरोप जड़ा है।

याचिका में कहा गया है कि एसएसपी ने उनका कई मामलों में उपयोग किया है।

मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान वालिया के वकील ने दलील दी कि एसएसपी उनको और उनके परिवार को धमकियां दे रहे हैं।

दोस्ती टूटने के बाद उनकी आजादी और निजता को खतरा पैदा हो गया है।

याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि उन्हें एसएसपी से जान का खतरा है, लिहाजा उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।


नौनिहाल सिंह ने तोड़ा है उनका विश्वास: वालिया  
लुधियाना के राजगुरु नगर के मकान नंबर 191 में रहने वाले व्यवसायी जसविंदर वालिया ने कहा कि एसएसपी नौनिहाल ने उनके साथ विश्वासघात किया है।

वे दोनों गहरे दोस्त रहे हैं, लेकिन दोस्ती में विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। नौनिहाल सिंह को लग रहा है कि उनके व्यक्तिगत मामलों को उनके परिवार के साथ शेयर किया है।

इसी वजह से उन्होंने दोस्ती तोड़ी और कई मामलों से किनारा कर लिया। हाईकोर्ट परिसर के बाहर निकलते हुए वालिया ने कहा कि दुश्मनी बढ़ते ही उनको जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दी।
विज्ञापन


वालिया ने कहा कि उन पर परिवार की सुरक्षा की जिम्मेवारी है। यही वजह है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुरक्षा की अरजी दाखिल की गई है।

बातचीत के दौरान वालिया ने हैल्थी वे कंपनी के मामले में सिफारिश करने की बात भी कबूली। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में सिफारिश कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के फोन सर्विलांस पर लगाए गए हैं। वह इसकी शिकायत आईजी से कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी मेल तक हैक की जा रही है, बार-बार झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। यही नहीं उनको प्रत्यक्ष रूप से डराया धमकाया भी है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि याचिका दायर करने के बाद भी उन पर याचिका वापस लेने का दबाव बनाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें