बुड़ैल से 13 साल की लड़की का अपहरण और उसके बाद दुष्कर्म के मामले में पांच आरोपियों को 10 साल की सजा सुनाई गई थी, उनमें से एक कुलदीप कौर की सजा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दी है। 19 सितंबर 2016 को सेक्टर 34 थाने में एक व्यक्ति ने आकर शिकायत दी थी कि उसकी 13 साल की बच्ची लापता है।
शिकायत के आधार पर जब पुलिस ने जांच शुरू की तो फैदा गांव में एक लड़की के मिलने की सूचना मिली। शिनाख्त पर पता लगा कि यह वही लड़की है जिसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल करवाया गया जहां उसके साथ हुए दुष्कर्म की भी पुष्टि हो गई।
पीड़िता ने बताया कि बबली नाम की महिला उसका मुंह दबा कर जबरन उसे अपने साथ ले गई थी और इस काम में उसके मां-बाप ने भी उसका साथ दिया। उसे लेकर मानसा पहुंचे आरोपियों ने कुलदीप कौर के साथ मिलकर उसका विवाह करवा दिया जिसके बाद कई बार उसके साथ दुष्कर्म हुआ।
चंडीगढ़ जिला अदालत में इस मामले में 5 लोगों को दोषी मानते हुए सभी को 10 साल की सजा सुनाई थी कुलदीप कौर ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करते हुए चुनौती दी थी और यह याचिका अभी विचाराधीन है। कुलदीप कौर ने अब अर्जी दाखिल करते हुए उसकी अपील लंबित रहते उसकी सजा निलंबित करने की उच्च न्यायालय से मांग की थी।
न्यायालय को बताया गया कि कुलदीप कौर 4 वर्ष की सजा काट चुकी है। सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद उच्च न्यायालय ने उसकी सजा अपील पर फैसला आने तक निलंबित कर दी है।