फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर वाहन पार्क करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने पूछा है कि ऐसे लोगों पर दूसरे लोगों की जान खतरे में डालने के मामले में एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की जाती। जज ने कहा कि मेरे घर के पास भी वाहन फुटपाथ पर पार्क होते हैं। अगर मेरी नाक के नीचे यह हाल है तो पूरे शहर का हाल क्या होगा। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगले शुक्रवार तक यदि हालात नहीं बदले तो एसएसपी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों पर एमसी कमिश्नर, चीफ इंजीनियर और डीसी को हाईकोर्ट ने अगले शुक्रवार के लिए तलब किया है।
केस की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट ने यूटी पुलिस को जमकर फटकार लगाई ओर कहा कि अभी भी हालात नहीं बदले हैं। फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर पार्किंग हो रही है। कोर्ट ने कहा कि क्यों न एसएसपी को अवमानना का नोटिस जारी किया जाए। इस पर यूटी पुलिस के वकील ने बताया कि इस साल पुलिस ने 86000 से अधिक चालान किए हैं जो हरियाणा और पंजाब के कुल चालान से अधिक हैं। कोर्ट ने कहा कि हमें चालान से मतलब नहीं है, हमें तो कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया। कोर्ट ने कहा कि इनके कारण लोगों को फुटपाथ से सड़क पर आना पड़ता है और यह सीधे तौर पर उनके जीवन को खतरे में डालना है।
कोर्ट ने पूछा कि वाहन ऐसे स्थान पर खड़े करने वालों पर क्यों नहीं आईपीसी की धारा 336 के तहत केस दर्ज किया जाता। कोर्ट ने एसएसपी को इस बारे में खुद हाजिर होकर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। एसएसपी को अगली सुनवाई पर हाजिर होकर बताना होगा कि उन्होंने ऐसे लोगों के वाहन टो करने और ऐसे लोगों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए और इसके साथ ही उन्हें फोटो एविडेंस भी पेश करना होगा।
क्या आपने कोई वाहन टो होते देखा है: हाईकोर्ट
यूटी पुलिस के वकील ने कोर्ट को कहा कि शहर में बड़ी संख्या में चालान और कई वाहन क्लैंप और टो भी किए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने वकील से ही पूछ लिया कि बीते दिनों में आपने कोई वाहन टो होते देखा है क्या। इस पर उन्होंने कहा कि इतने वाहन अगर टो करेंगे तो इसके लिए स्थान ही मौजूद नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जिसकी गाड़ी उठाते हैं, वह अगले ही दिन छुड़ाने पहुंच जाता है। रोज 100 गाड़ियां टो करो। देखों लोगों को भारी जुर्माना भरना पड़ेगा तो खुद ही सबक सीख जाएंगे।
साइकिल ट्रैक क्रॉसिंग पर फेंसिंग क्यों नहीं, चीफ इंजीनियर तलब
हाईकोर्ट को बताया गया कि जहां से मेन रोड से स्लिप रोड कटती है, वहां पर फेंसिंग नहीं की गई है। ऐसे में लोग वाहन को साइकिल ट्रैक पर व फुटपाथ पर चढ़ा देते हैं। इस पर हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए चीफ इंजीनियर को तलब कर लिया है। उन्हें अगले शुक्रवार को इस बारे में अपना पक्ष रखना होगा।
फोर व्हीलर ही नहीं, टू व्हीलर की पार्किंग भी रोको
कोर्ट में सुनवाई के दौरान फोटो सौंपते हुए दिखाया गया कि कैसे अवैध तरीके से पार्क वाहनों पर क्लैंपिंग की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि केवल चार पहिया वाहनों की ही फोटो हैं। दुपहिया वाहनों की कोई टोइंग नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि दुपहिया वाहन अगर इस प्रकार अवैध तरीके से पार्क हों तो उनको भी टो करके ले जाया जाए।