मंडी सुपरवाइजरों के 126 पद की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एचएसएससी को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट को गुमराह करने की प्रवृत्ति बंद हो। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि क्या एचएसएससी का कोई स्टैंड नहीं है। सिंगल बेंच के सामने बताते हो रिजल्ट जारी हो गया और अब चार माह बाद डिवीजन बेंच के सामने कह रहे हो कि अभी केवल तैयार हुआ है।
दो दिन की मोहलत देते हुए हाईकोर्ट ने एचएसएससी को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। याचिका दाखिल करते हुए रोहतक निवासी अनिल कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने मंडी सुपरवाइजर के 126 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन के अनुसार याची ने भी आवेदन किया था लेकिन उसको इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया।
सिंगल बेंच के सामने नवंबर में एचएसएससी ने कहा कि रिजल्ट जारी किया जा चुका है जिसके बाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। याची को पता चला कि रिजल्ट जारी नहीं हुआ है तो उसने पुनर्विचार याचिका दाखिल की जिस पर एचएसएससी ने बताया कि रिजल्ट तैयार हुआ है लेकिन जारी नहीं हुआ। रिव्यू याचिका खारिज होने के दो माह बाद अब याची ने डिवीजन बेंच में याचिका दाखिल की।
याचिका पर सुनवाई के दौरान भी एचएसएससी का स्टैंड क्लीयर नहीं होने पर हाईकोर्ट ने उसे फटकार लगाते हुए दो दिन के भीतर मामले की स्थिति और रिजल्ट को लेकर जवाब दाखिल करने के एचएसएससी को आदेश दिए हैं। साथ ही याची का दावा क्यों खारिज किया गया इस बारे में भी अगली सुनवाई पर एचएसएससी को हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।