पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के इस विषय के कई फैसलों का हवाला देते हुए सिंगल बेंच ने सभी अस्थायी कर्मियों को 1 फरवरी तक रेगुलर किए जाने के हरियाणा सरकार को आदेश दे दिए थे। सिंगल बेंच ने इन कर्मियों को एक कैडर बना रेगुलर करने के आदेश दिए थे। साथ ही सरकार को चेतावनी भी दी थी कि अगर 1 फरवरी तक सरकार इस आदेश को लागू नहीं करती है तो सरकार को प्रत्येक याचिकाकर्ता को 50-50 हजार रुपये जुर्माना भर इन सभी के खातों में जमा करवाना होगा।
अब हरियाणा सरकार ने 4 अक्तूबर के सिंगल बेंच के इस फैसले के खिलाफ चीफ जस्टिस की डबल बेंच में अपील दायर कर कहा है कि सिंगल बेंच ने जो आदेश दिए हैं वह न सिर्फ याचिकाकर्ताओं बल्कि सभी अस्थायी कर्मियों पर लागू हो जाएंगे और यह आदेश बैक डेट से लागू करने होंगे। इस तरह जो इन कर्मियों से पहले रेगुलर हुए हैं, उनमें से ज्यादातर इनसे जूनियर हो जाएंगे।
डबल बेंच ने सरकार की दलीलें सुनने के बाद सिंगल बेंच के इस फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है और सभी याचिकाकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। एजी बीआर महाजन ने हाईकोर्ट को बताया था कि सिंगल बेंच के फैसले के चलते 25 हजार से अधिक कर्मियों को बैक डेट से रेगुलर करना पड़ता है, जो बेहद मुश्किल है।