जीरकपुर नगर परिषद के वार्डों की हदबंदी प्रक्रिया पर पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को 27 अगस्त के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
नए सिरे से की जा रही इस वार्डबंदी के खिलाफ जीरकपुर नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष कुलविंदर सिंह द्वारा एडवोकेट गौरव राणा के जरिए दायर याचिका पर न्यायमूर्ति जसवंत सिंह एवं न्यायमूर्ति अशोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए यह रोक लगाई है।
याचिका में वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू करने के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वार्डबंदी तय प्रावधानों का पूरी तरह से उल्लंघन कर की जा रही है। बताया गया कि वार्डबंदी जनगणना के बाद की जाती है और 2011 में हुई जनगणना के बाद 2014 में वार्डबंदी की जा चुकी है और अगली जनगणना 2021 में होनी है। ऐसे में वार्डबंदी करना सही नहीं है।
याचिका में बताया है कि जनसंख्या आयुक्त ने गत वर्ष 6 सितंबर को पत्र जारी कर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जिलों, निकायों आदि की सीमाओं को बदले जाने के प्रस्ताव मांगे थे और 31 अगस्त तक इन्हें बंद कर दिया था। लेकिन अब फिर विभाग ने 14 जुलाई को एक नोटिफिकेशन जारी कर जीरकपुर नगर परिषद के वार्डों की हदबंदी के लिए बोर्ड का गठन कर दिया है।