चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा स्वास्थ्य कारणों से बल्लभगढ़ से फिरोजपुर झिरका में तबादला लेने के एक सप्ताह के भीतर ही उसका ट्रांसफर सोहना करने पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने तबादले पर रोक लगाते हुए कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है तो क्या मनमाने तरीके से तबादला कर दिया जाएगा। मोहम्मद हारून ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए एक सप्ताह में हुए दो तबादलों को चुनौती दी है।
याची ने बताया कि वह डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक बल्लभगढ़ में चपरासी के पद पर तैनात था। स्वास्थ्य कारणों से उसका तबादला 13 जून को बल्लभगढ़ से फिरोजपुर झिरका कर दिया गया। याची को बल्लभगढ़ बैंक से रिलीव भी कर दिया गया लेकिन फिरोजपुर झिरका बैंक के मैनेजर ने उसे ज्वाइन नहीं करवाया। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन 21 जून को उसका तबादला सोहना ब्रांच में कर दिया गया।
याची ने कहा कि इस प्रकार एक सप्ताह में दो तबादले करना सीधे तौर पर एक सजा के समान है। खास तौर पर उस स्थिति में जब याची ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए ट्रांसफर लिया है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और सीभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इसकेसाथ ही याची का तबादला सोहना करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है।