चंडीगढ़ की इमारतों में अपनी हिस्सेदारी फ्लोर के रूप में बेच उसे अपार्टमेंट का रूप देने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को फटकार लगाई। साथ ही इस मामले में एडवाइजरी कमेटी को फैसला लेने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ तो चंडीगढ़ में दिल्ली जैसे हालात बनने में देर नहीं लगेगी।
इस बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने अंडरटेकिंग दी कि प्रशासन अगली सुनवाई तक मंजिल के आधार पर कोई रजिस्ट्री नहीं करेगा। शहर में अपार्टमेंट कल्चर बढ़ने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई आरंभ हुई तो याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि शहर में बिल्डर माफिया सक्रिय हैं और वे इमारतों को खरीद कर इसे फ्लोर के आधार पर बेच देते हैं।
अपार्टमेंट कल्चर बढ़ने से शहर पर बोझ बढ़ेगा और ऐसे में इसको रोका जाना चाहिए। इस पर प्रशासन की ओर से बताया गया कि शहर में अपार्टमेंट के तौर पर एक भी सेल डीड नहीं हुई है। प्रशासन ने कहा कि नियम के अनुसार कोई व्यक्ति अपने हिस्से को बेच सकता है और ऐसा करने पर रोक नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि यह उसका अधिकार है। लंबे समय तक चली बहस के दौरान प्रशासन अपनी बात पर कायम रहा।