2010 के कामनवेल्थ खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली गीता फोगाट की ओर से दायर की गई अवमानना याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को 14 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
हरियाणा सरकार ने पदक विजेता के तौर पर गीता को पुलिस सेवा में इंस्पेक्टर पद पर नौकरी दी है, लेकिन गीता का कहना है कि उसे डीएसपी रैंक पर भर्ती किया जाना चाहिए। अवमानना याचिका में गीता फोगाट ने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर गत मार्च माह के दौरान हरियाणा सरकार को दो महीने में उसे डीएसपी बनाने पर विचार करने का निर्देश जारी किया था, लेकिन सरकार ने अब तक हाईकोर्ट के आदेश की पालना नहीं की है।
गीता ने हरियाणा सरकार की उस पॉलिसी के तहत डीएसपी नियुक्त किए जाने की अपील की थी, जिसके तहत हरियाणा सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेता प्रदेश के खिलाड़ियों को हरियाणा पुलिस में सीधे डीएसपी नियुक्त करती है।
गीता ने इससे पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उसने 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लेते हुए कुश्ती प्रतियोगिता में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने पॉलिसी बनाई थी कि स्वर्ण पदक विजेताओं को डीएसपी नियुक्त किया जाएगा। याचिका में गीता ने कहा है कि हरियाणा सरकार ने 6 गोल्ड मेडलिस्टों की सूची तैयार की, जिन्हें डीएसपी प्रमोट किया जाना था।
इस सूची में उसका नाम पहले स्थान पर था, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी उसे नियुक्ति नहीं दी गई। गीता ने इस बारे में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और रिप्रेजेंटेशन भी दी, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। गीता की इस याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए थे कि वह गीता को डीएसपी के तौर पर नियुक्त करने पर दो महीने में फैसला ले, लेकिन दो माह का समय बीत जाने के बाद भी जब सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो गीता ने हरियाणा सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट की अवमानना की याचिका दायर की है।