- जांच अधिकारी के अतिरिक्त कोई अन्य अधिकारी आपराधिक मामले की जांच नहीं करेगा।
- जांच आरंभ होने के बाद आरोपी की मांग पर कोई समानांतर जांच नहीं की जाएगी।
- जांच ट्रांसफर की स्थिति में मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी लिखित में देना अनिवार्य होगा। साथ ही जांच को ट्रांसफर करने का कारण भी बताना होगा।
- यदि जांच अधिकारी जांच को रोकना चाहता हैं तो इसके लिए उसे मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी कारण सहित देनी होगी।
- हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के पुलिस अधिकारियों को जांच में संवेदनशीलता बरतने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि जांच सही प्रकार से हो सके।
जांच में जानबूझ कर की चूक तो अदालत देगी कार्रवाई का आदेश
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब ऐसा पाया गया कि जांच अधिकारी ने जांच में जानबूझ कर चूक की है और उस चूक की वजह से आरोपी बरी हो गया तो अदालत ऐसे मामलों में दोषी अधिकारी के खिलाफ विभागीय या दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी करेगी।