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मुश्किल में अन्नदाता : खराब मौसम, सरकारी फरमान और आढ़तियों की हड़ताल ने बढ़ाई दिक्कतें 

Thu, 08 Apr 2021 10:32 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • हरियाणा सरकार ने गेहूं में नमी की मात्रा 14 से घटाकर 12 प्रतिशत की 
  • किसानों की मुश्किल, मौसम में नमी के चलते खरीद भी प्रभावित होगी 
  • किसानों को सीधे भुगतान से नाराज आढ़तियों ने की हड़ताल
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हरियाणा में गेहूं खरीद पर संकट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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बिगड़े मौसम और बिगड़ते हालात के बीच हरियाणा का किसान फंसकर रह गया है। एक तरफ किसान दिल्ली बार्डर पर आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी ओर गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। सरकार द्वारा गेहूं की नमी 14 से घटाकर 12 प्रतिशत करने और आढ़तियों-मजदूरों की हड़ताल की घोषणा ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। 

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किसान नेता मानते हैं कि नमी की मात्रा घटाने से सीधे तौर पर किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। एक तो किसान को गेहूं सुखाने के लिए कई दिन तक इंतजार करना होगा, दूसरे इसके लिए प्रति क्विंटल 100 ग्राम गेहूं अधिक देना होगा।

एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद अब तक नहीं हो पाई सुचारू

एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद अभी तक सुचारु नहीं हो पाई है। बुधवार को हरियाणा अनाज मंडी एसोसिएशन ने आठ अप्रैल से हड़ताल की घोषणा कर दी है। ऐसे में गेहूं को बेचने में सबसे अधिक परेशानी किसानों को आएगी। इधर, मंगलवार को बिगड़े मौसम ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।

कृषि जानकार रणदीप आर्य का कहना है कि ऐसे हालात में किसानों की दिक्कत और बढ़ने वाली है। क्योंकि खरीद एजेंसी 12 प्रतिशत से अधिक नमी का गेहूं नहीं खरीदेगी और अभी गर्मी इतनी नहीं है कि 12 प्रतिशत नमी रह सके। इसलिए आने वाले दिन किसानों की परेशानी बढ़ाने वाले हैं। गौरतलब है कि इस बार प्रदेश में 80 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य है और प्रदेश में करीब 400 मंडियां व खरीद केंद्र हैं।
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सरकार वापस ले फैसला : मान

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान का कहना है कि नमी की मात्रा 14 से घटाकर 12 प्रतिशत करना गलत है। इससे सीधे तौर पर किसान को नुकसान होगा। एक तो मौसम में लगातार नमी बनी हुई है, इससे गेहूं में भी नमी रहेगी। 12 प्रतिशत नमी के लिए किसानों को कई दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। इससे उनकी परेशानी और बढ़ेगी। सरकार को तुरंत प्रभाव से ये फैसला वापस लेना चाहिए।

हमारे पास पूरे इंतजाम : जेपी दलाल
हमें उम्मीद है कि आढ़ती हड़ताल पर नहीं जाएंगे। कुछ आढ़तियों ने ही ऐसा कहा है, जबकि शेष सहयोग के लिए तैयार हैं। अगर ऐसी कोई बात होती है तो सरकार के पास किसानों का दाना-दाना खरीदना का पूरा इंतजाम हैं। अगर हड़ताल होगी तो नए लोगों को लाइसेंस दिए जाएंगे और नई कच्ची मंडी स्थापित की जाएंगी। सरकार किसान के साथ खड़ी है और किसान का दाना दाना खरीदा जाएगा।
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