शादी के बाद पति पत्नी को फिल्म दिखाने लेकर गया और वहां पत्नी ने कोल्ड ड्रिंक नहीं पी। इस पर पति ने तलाक की याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा-इस आधार को लेकर दाखिल की गई तलाक की अर्जी को हाईकोर्ट कैसे स्वीकार कर सकता है और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पति की दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।
याचिका दाखिल करते हुए पति ने कहा था कि उसका विवाह 2004 में हुआ था। इसके बाद तीन माह तक वे साथ रहे और फिर पत्नी घर छोड़कर चली गई। इसके बाद पति ने तलाक के लिए 2006 में याचिका दाखिल की थी। इसे 2009 में निचली कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए तलाक की मांग की गई है।
तलाक के लिए आधार बताते हुए पति ने कहा कि बरात को पूरा खाना नहीं परोसा गया, याची के मां-बाप का ख्याल पत्नी ने नहीं रखा, चाय बनाने और संबंध बनाने से इनकार करती है। इसके साथ ही बेहद अजीब आधार बनाते हुए कहा कि वह मै हूं ना फिल्म देखने गया था और फिल्म के दौरान हुए इंटरवल में पत्नी ने कोल्ड ड्रिंक लेने से मना कर दिया।
इसके जवाब में पत्नी ने सभी आरोपों को नकारा और कहा कि उसे वापस लाने का कभी प्रयास नहीं किया गया। इस पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनकर याचिका खारिज करते हुए कहा कि भले ही दोनों 14 साल से अलग रह रहे हैं लेकिन इस आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता। इसके लिए कानून द्वारा तय मानकों को पूरा किया जाना जरूरी है जो इस मामले में नहीं हुआ। ऐसे में हाईकोर्ट ने इन आधारों को अत्याचार न मानते हुए तलाक की पति द्वारा दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया।