डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ रंजीत मर्डर केस में जज बदलने की मांग को लेकर गई याचिका को आधारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि हालांकि उन्हें निजी तौर पर सीबीआई कोर्ट के जज से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन चूंकि मौजूदा जज राम रहीम के खिलाफ पिछले मामलों में भी सजा सुना चुके हैं, ऐसे में रंजीत मर्डर केस का फैसला भी प्रभावित होगा।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की ऐसी आशंका निराधार है। कोर्ट ने सीबीआई अदालत के जज को बदलने की मांग अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता कृष्णलाल का कहना था कि इस मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई कर रहे जज पहले भी गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ दो मामलों में फैसला सुना चुके हैं, इसलिए उन्हें अब रंजीत मर्डर केस की सुनवाई से अलग किया जाना चाहिए।
साध्वी यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के दोष जेल में बंद गुरमीत राम रहीम के एक सहयोगी और आरोपी कृष्णलाल ने विशेष सीबीआई अदालत में भी एक याचिका लगाकर मांग की थी कि डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह हत्या मामले में वह सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जगदीप सिंह से इस मामले की सुनवाई नहीं करवाना चाहते हैं। उनकी याचिका वहां भी खारिज हो गई थी।