मुस्लिम युवक से विवाह करने वाली हिंदू युवती का केस लड़ रहे वकील को परेशान करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने पूछा कि किस आधार पर वकील के रिश्तेदारों को जेल में डाला गया। एक बार तो हाईकोर्ट ने डीजीपी को बुलाने के आदेश जारी कर दिए पर काफी निवेदन के बाद अगली सुनवाई पर उन्हें निजी हलफनामा सौंपने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा कोर्ट ने सीआईए स्टाफ की हरकतों की जांच करवाने का भी आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए वकील मोहम्मद अरशद ने बताया कि उसने मुस्लिम युवक से शादी करने वाली नेहा को हाईकोर्ट से सुरक्षा दिलाई थी। इस विवाह के कारण मेवात क्षेत्र में तनाव काफी अधिक बढ़ गया और लगातार सीआईए स्टाफ वाले दबाव बनाने लगे।
पंचायतों के दबाव में आकर उनकी निगरानी की जाने लगी और पुलिस वाले उसके घर के आसपास बड़ी संख्या में मौजूद रहने लगे। उसकी काल टैप की जाने लगी। जब दबाव बनाकर युवती को नहीं पकड़ पाए तो याची के साले और साढ़ू को पुलिस ने उठा लिया। इसके चलते हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका पड़ने के बाद उन पर मामूली धाराओं के केस दिखा दिए गए। याची ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई।
सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश
इस याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि तुरंत याची को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और उसके मेवात स्थित आवास पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।