पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद के एक मामले में पति को बड़ी राहत देते हुए पत्नी की ओर से गुरदासपुर में दाखिल दहेज के मामले को लुधियाना की अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। सामान्यत: इस प्रकार के मामलों में फैसला पत्नी के हक में ही सुनाया जाता है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी ने पति की बीमारी और लाचार स्थिति को स्वीकार किया है ऐसे में पति मांग पूरी होने का हकदार है।
इस मामले में लुधियाना निवासी रुपिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उसका अपनी पत्नी के साथ मतभेद चल रहा था, जिसके चलते दोनों अलग रहने लगे। याची की पत्नी अपने मायके गुरदासपुर चली गई थी। इसके बाद 2019 में उसकी पत्नी ने दहेज का सामान लौटाने के लिए गुरदासपुर की अदालत में केस दाखिल कर दिया।
याची ने कहा कि गुरदासपुर और लुधियाना के बीच की दूरी 165 किलोमीटर है और याची ब्रेन कैंसर का मरीज है। याची ने बताया कि उसका व उसकी पत्नी का समझौता होने के बावजूद याची को परेशान करने के लिए यह केस दाखिल किया गया है। याची ने अपनी बीमारी के प्रमाण के रूप में इलाज से जुड़ा रिकार्ड भी पेश किया, जिसे पत्नी ने नहीं नकारा। याची पति के वकील की तरफ से हाईकोर्ट से अपील की गई कि इस केस को गुरदासपुर कोर्ट से लुधियाना की अदालत में ट्रांसफर किया जाए। हाईकोर्ट ने याची की दलीलों को स्वीकार करते हुए केस गुरदासपुर से लुधियाना ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।