दुनिया के विकसित देशों की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी जहां ट्रैफिक लाइट नहीं होगी, वहां पैदल व्यक्ति के जेब्रा क्रॉसिंग पर आते ही ट्रैफिक रुक जाएगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रशासन, डीसी, एमसी और एसएसपी को आदेश दिए कि इस व्यवस्था और राइट टू वे को पैदल यात्रा करने वालों के लिए लागू किया जाए। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि जेब्रा क्रॉसिंग पर कोई व्यक्ति है, फिर भी वाहन सवार इसे पार करता है तो उसे जेल में डाल दो।
कोर्ट ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों में जेब्रा क्रॉसिंग पर किसी नागरिक के आते ही पूरा ट्रैफिक रुक जाता है। हम भी एक विकासशील देश हैं और न केवल इस नाते बल्कि नागरिक भावना जरूरी है इसलिए भी इस नियम को चंडीगढ़ में लागू करके शहर को पूरे देश के लिए आदर्श बनाना चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन को आदेश दिए कि जहां पर क्रॉसिंग नहीं हैं वहां जल्द से जल्द क्रॉसिंग बनाई जाएं। हाईकोर्ट ने राइट टू वे को लागू करने के आदेश देते हुए कहा कि जहां ट्रैफिक लाइट नहीं है वहां राइट टू वे पैदल लोगों के लिए है वाहन सवारों के लिए नहीं।
साइकिल ट्रैक रात को सुरक्षित नहीं
हाईकोर्ट ने साइकिल ट्रैक्स पर रात को कम रोशनी होने पर चिंता जताते हुए कहा कि फिलहाल रात के समय यह महफूज नहीं हैं। इनपर लाइट लगाई जाएं ताकि साइकिल और रिक्शा चलाने वालों को परेशानी न हो। कोर्ट ने उन पर भी कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं जो ट्रैेक्स को छोड़ मुख्य सड़क पर साइकिल और रिक्शा चला रहे हैं।
नाम की है स्मार्ट पार्किंग
हाईकोर्ट की प्रशासन के स्मार्ट पार्किंग के दावों पर कहा कि पार्किंग सिर्फ कहने के लिए ही स्मार्ट है। कोर्ट ने पार्किंग ठेकेदार को आदेश दिया कि हर पार्किंग के बाहर एक इलेक्ट्रिक बोर्ड लगाया जाए, जिसमें पार्किंग में कितने वाहनों की जगह है कितने वाहन पार्क हो चुके हैं और कितनी जगह खाली है इसकी जानकारी दी जाए। जैसे कि पार्किंग भर जाए तो पार्किंग के गेट स्वयं ही बंद हो जाएं। पार्किंग फुल हो तो किसी की भी गाड़ी अंदर न लें चाहे कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न हो।