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हाईकोर्ट का फरमान, विदेशी नागरिक हो तो वहां की करेंसी के अनुसार ही तय हो मुआवजा

Mon, 20 May 2019 09:57 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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कनाडा के नागरिक की 1996 में एक्सीडेंट में हुई मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुआवजे को लेकर एक ऐतिहासिक फरमान सुनाया है। हाईकोर्ट ने मुआवजे की राशि 7 लाख 68 हजार 096 रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ 7 सात लाख कर दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि मृतक के परिवार को यह राशि 7 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान की जाए।
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याचिका दाखिल करते हुए मृतक की पत्नी व अन्य आश्रितों द्वारा मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल जालंधर के आदेश को चुनौती दी है। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि याची के पति समेत उनका परिवार जालंधर से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान अंबाला में हरियाणा रोडवेज की बस के साथ उनकी टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में उसके पति और 6 माह के बच्चे की मौत हो गई।

याची के पति कनाडा में वेयरहाउस में मैनेजर थे और आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी सालाना कमाई 45 हजार कनेडियन डॉलर थी। ट्रिब्यूनल ने इसे मानने से इनकार करते हुए उन्हें भारत में वेयर हाउस का मैनेजर मानते हुए वेतन 8 हजार प्रतिमाह माना। इसके अनुसार मुआवजे की राशि 768096 तय की।
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ट्रिब्यूनल के फैसले को गलत करार दिया और कहा...

हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के फैसले को गलत करार देते हुए कहा कि याची के पति कनाडा के स्थाई नागरिक थे ओर आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी जो आय है आय गणना के लिए उसी का उपयोग किया जाना चाहिए थे। साथ ही कनाडा की करेंसी के अनुसार ही कुल मुआवजे की गणना की जानी चाहिए।

हाईकोर्ट ने मुआवजे की राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ 7 लाख करते हुए इस पर 6 प्रतिशत ब्याज देने के आदेश दिए है। इस राशि का भुगतान बीमा कंपनी, बस ड्राइवर व हरियाणा राज्य परिवहन को मिलकर करना होगा।

6 माह के मासूम की मौत के लिए 5 लाख मुआवजा
हाईकोर्ट ने कहा कि इस हादसे में 6 माह के मासूम की मौत के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया गया जबकि वह इकलौता बेटा था। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को उसके बेटे की मौत के मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
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