पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक याचिका का निपटारा करते हुए साफ कर दिया है कि अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी सेवा नियमित होने के आदेश जारी होते हैं तो भी कर्मचारी की पत्नी फैमिली पेंशन की हकदार हैं। इस मामले में पलवल निवासी इमरती देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसके पति की मौत के बाद से उसे फैमिली पेंशन व एक्स ग्रेशिया लाभ की मांग की थी।
उसके पति ने माली के पद पर 1989 से डेली वेज/ वर्क चार्ज के तहत काम किया। फरवरी 1996 विभाग ने एक नीति के तहत उसकी सेवा नियमित करने का निर्णय लिया। लेकिन महिला के पति की 24 मई 1996 को मौत हो गई। उसकी मौत के कुछ दिन बाद सरकार ने सेवा नियमित करने के लिखित आदेश जारी किए जिसके तहत उसे एक फरवरी 1996 उसकी सेवा नियमित कर दी गई थी।
इसी आधार पर उसकी पत्नी ने फैमिली पेंशन व एक्स ग्रेशिया की विभाग से मांग की थी। विभाग ने उसकी मांग इस आधार पर खारिज कर दी कि मृत्यु के समय तक नियमित सेवा का आदेश जारी नहकं हुआ था, नियमित सेवा के लिए उसका मेडिकल टेस्ट नहीं हुआ व एक साल की उसकी नियमित सेवा पुरी नहीं हुई थी। इस लिए उसको किसी भी तरह का लाभ नहीं दिया जा सकता।
हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए सरकार को आदेश दिया कि वो याची को फैमिली पेंशन व एक्स ग्रेशिया के सभी लाभ जारी करे। कोर्ट ने सभी लाभ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तिथि 24 अक्टूबर 2008 से 9 प्रतिशत ब्याज के साथ जारी करने को कहा है।