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केवल दुष्कर्म पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी को करार दिया जा सकता है दोषी: हाईकोर्ट

Thu, 16 Apr 2020 01:13 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान साफ कर दिया है कि दुष्कर्म के मामले में पीड़िता की एक मात्र गवाही पर निर्णय लिया जा सकता है। अगर घटना के बाद पीड़िता लंबे समय तक चुप रहने के बाद शिकायत करती है और उसकी लंबी चुप्पी संदेह पैदा करती है तो अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी सेना के एक जवान को दुष्कर्म के आरोप में ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी करने के खिलाफ पीड़िता की अपील को खारिज करते हुए की। कोर्ट को बताया गया कि पीड़िता का पति सेना में अधिकारी है और पीड़िता खुद भी डॉक्टर है। आरोपी सेना में जवान था और उसके पति के आधिकारिक वाहन चालक था।

अपील के अनुसार जब मार्च 2014 में वह गर्भवती थी और अपने पति के आधिकारिक वाहन में मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल गई थी। रास्ते में वाहन चालक जवान द्वारा जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसे जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता का कहना था कि इस घटना के कारण वह सदमे की स्थिति में चली गई। उसने उस दिन पति के सामने कुछ नहीं बताया।
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घटना के कुछ महीनों बाद, उसने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी ने उसे टेलीफोन कॉल कर परेशान करना शुरू कर दिया। आरोपी के उत्पीड़न के चलते वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। आखिरकार जनवरी 2015 में, उसने अपने पति को दुष्कर्म की घटना के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई और 6 मार्च 2015 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
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