युवक को बुला कर उसे बेहोश कर उसके गुप्तांग काटने के आरोपी की नियमित जमानत की मांग वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के कृत्य का आरोपी रहम का किसी भी स्थिति में हकदार नहीं है।
याचिका दाखिल करते हुए आरोपी कुलदीप कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि युवक का गुप्तांग काटने के आरोप में अमृतसर पुलिस ने 22 नवंबर को एफआईआर दर्ज की थी। याची ने बताया कि एफआईआर सोनिया बाबा नामक किन्नर के खिलाफ की गई थी। सोनिया के द्वारा दिए गए बयान के बाद याची का नाम एफआईआर में जोड़ा गया था। याची ने बताया कि सोनिया बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है और याची पर आरोप है कि पीड़ित को जिस गाड़ी में अगवा करके उसके गुप्तांग को काटा गया था, वह याची चला रहा था।
याची ने बताया कि वह काफी लंबे समय से जेल में है और ऐसे में उसे नियमित जमानत का लाभ दिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के गुप्तांगों को काटना बेहद गंभीर अपराध है। इस प्रकार के अपराध के आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जानी चाहिए। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।