विभाग की गलती से हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली पर सिविल अदालत की रोक के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले में कर्मचारी ने कोई फर्जीवाड़ा कर अतिरिक्त राशि नहीं ली है, बल्कि विभाग की गलती से भुगतान हुआ है जिसकी रिकवरी नहीं की जा सकती है।
केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में सेवा दे चुके जनक राज को उसकी सेवा अवधि के दौरान अतिरिक्त भुगतान किया गया था, जिसकी रिकवरी उसके जीपीएफ से कर ली गई है। इसके खिलाफ जनक राज ने सिविल कोर्ट में अपील दाखिल की थी और कोर्ट ने उसके हक में फैसला सुनाया।
सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपीलेट कोर्ट में अपील की गई, लेकिन वहां भी अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद सिविल कोर्ट के फैसले को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट से अपील की गई। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी कि सिविल कोर्ट इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए अधिकृत नहीं है।