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विभाग की गलती से हुआ अतिरिक्त भुगतान तो नहीं की जा सकती कर्मी से वसूली: हाईकोर्ट

Mon, 28 Oct 2019 10:01 AM IST
खुशबू गोयल विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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विभाग की गलती से हुए अतिरिक्त भुगतान की वसूली पर सिविल अदालत की रोक के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस मामले में कर्मचारी ने कोई फर्जीवाड़ा कर अतिरिक्त राशि नहीं ली है, बल्कि विभाग की गलती से भुगतान हुआ है जिसकी रिकवरी नहीं की जा सकती है।
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केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में सेवा दे चुके जनक राज को उसकी सेवा अवधि के दौरान अतिरिक्त भुगतान किया गया था, जिसकी रिकवरी उसके जीपीएफ से कर ली गई है। इसके खिलाफ जनक राज ने सिविल कोर्ट में अपील दाखिल की थी और कोर्ट ने उसके हक में फैसला सुनाया।

सिविल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपीलेट कोर्ट में अपील की गई, लेकिन वहां भी अपील खारिज कर दी गई। इसके बाद सिविल कोर्ट के फैसले को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट से अपील की गई। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी कि सिविल कोर्ट इस तरह के मामलों में सुनवाई के लिए अधिकृत नहीं है।
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भारत सरकार की दलील थी कि इस मामले की सुनवाई केवल कैट में की जा सकती है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि सिविल कोर्ट को अधिकार है कि वह इस तरह के मामलों की सुनवाई कर सकता है। जनक राज मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में था ऐसे में सिविल कोर्ट का फैसला सही है।

साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अतिरिक्त भुगतान के लिए न तो कोई साजिश रची गई थी और न ही किसी प्रकार की धोखाधड़ी। ऐसे में यह पूरी तरह से विभाग की गलती का नतीजा है और ऐसे में अतिरिक्त भुगतान की वसूली नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश पर अपनी मोहर लगा दी।

 
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