फौजी पति के साथ उसके पोस्टिंग के स्थान पर रहने का दबाव बनाने वाली पत्नी की फैमिली कोर्ट द्वारा सुनाए गए तलाक के फैसले के खिलाफ अपील पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हालांकि हाईकोर्ट ने फौजी को आदेश दिया कि वह सेटलमेंट के रूप में 8 लाख रुपये याची को सौंपे। मामला होशियारपुर का है जहां याची का विवाह 1999 में हुआ था।
शादी के बाद उनके दो बच्चे भी हुए। शादी की शुरुआत से ही दोनों के बीच रिश्ते सही नहीं रहे। जहां याची ने आरोप लगाया कि उसके पति के शादी के एक माह बाद ड्यूटी पर वापस जाने के बाद से ही सास-ससुर उसको परेशान करने लगे और मानसिक व शारीरिक रूप से टार्चर किया गया। वहीं, दूसरी ओर फौजी की ओर से कहा गया कि उसकी पत्नी उसके मां-बाप से अच्छा बर्ताव नहीं करती थी।
उनको बिना बताए मायके चली जाती थी और बच्चों को भी छोड़ जाती थी। वह पिछले कई साल से अपने घर वापस नहीं लौटी है। याची ने कई प्रयास किए कि वह वापस आ जाए पंचायत भी हुई, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। पत्नी अक्सर पति की ड्यूटी के स्थान पर पहुंच जाती थी और उसको पोस्टिंग के स्थान पर साथ में रहने के लिए दबाव बनाती थी।
इन सभी तथ्यों को देखने के बाद होशियारपुर की फैमिली कोर्ट ने पति के हक में फैसला सुनाते हुए तलाक को मंजूरी दे दी थी। इस फैसले को पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। जब केस मध्यस्थता के लिए भेजा गया तो पत्नी न तो साथ रहने को तैयार थी और न ही तलाक को। हाईकोर्ट ने कहा कि अब यह रिश्ता बिलकुल टूट चुका है, ऐसे में अब फौजी पति पत्नी को सेटलमेंट के रूप में 8 लाख रुपये दे तथा दोनों का तलाक बरकरार रखते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।