पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के 16 और पंजाब के 42 माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों की जांच पूरी न होने पर दोनों राज्य सरकारों से जवाब तलब कर लिया है। हाईकोर्ट ने इनकी पूरी जानकारी और जांच पूरी होने में देरी का कारण बताने का आदेश दिया है।
माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे के लिए हाईकोर्ट की ओर से संज्ञान लिया गया है। मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट को हरियाणा सरकार ने बताया कि केवल 16 माननीयों पर दर्ज आपराधिक मामलों में अभी जांच लंबित है। हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार को अगली सुनवाई पर सभी 16 मामलों की विस्तृत जानकारी सौंपने तथा जांच में देरी का कारण हलफनामे के माध्यम से बताने का आदेश दिया।
पंजाब सरकार ने बताया कि राज्य में माननीयों पर 82 मामले दर्ज हैं और इनमें से 40 मामलों में जांच पूरी हो चुकी है और 8 मामलों में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह अगली सुनवाई पर बताए कि आखिर 42 मामलों में जांच लंबित क्यों है? इसके साथ ही 32 मामलों में जिनमें चालान दाखिल हो चुका है उनकी वर्तमान स्थिति क्या है और जिन 8 मामलों में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई है उनकी पूरी जानकारी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में सौंपनी होगी।
ट्रायल पर रोक हटाने की अर्जी दी: सीबीआई
सीबीआई ने बताया कि जिन मामलों में ट्रायल पर रोक है उन मामलों में रोक हटाने की अर्जी दाखिल की जा चुकी है। हाईकोर्ट ने इस पर अगली सुनवाई पर सीबीआई को इन अर्जियों की स्थिति के बारे में जानकारी देने का आदेश दिया है।
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बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में लगाई फटकार
विधायक सिमरजीत बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले मेें एसआईटी को हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह की मोहलत पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने दी थी। इस बार पंजाब सरकार ने समय बढ़ाने की अर्जी दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस मांग को माना नहीं जा सकता है। हालांकि हाईकोर्ट ने न्याय के लिए अगली सुनवाई तक की मोहलत दे दी और उम्मीद जताई कि तब तक चालान दाखिल हो जाएगा।