एमडीएस, बीडीएस की 7 जुलाई से परीक्षा शुरू किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि यूनिवर्सिटी बताए कि कोरोना गाइडलाइंस के तहत इन परीक्षाओं में क्या इंतजाम किए गए हैं?
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी को यह जानकारी सोमवार 6 जुलाई को देनी होगी, इसके बाद ही कोर्ट आगे के निर्देश जारी करेगा। जस्टिस राज मोहन सिंह ने यह आदेश एमडीएस, बीडीएस कोर्स की 7 जुलाई से शुरू होने वाली परीक्षा के खिलाफ डेंटल सर्जन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और डेंटल स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा एडवोकेट रणदीप सिंह सुरजेवाला के जरिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि यूनिवर्सिटी ने बिना उनसे परामर्श किए ही एमडीएस, बीडीएस कोर्स की परीक्षा 7 जुलाई से कराने का निर्णय ले लिया है। जबकि केंद्र सरकार ने 30 मई को सभी यूनिवर्सिटी को निर्देश जारी किया था कि आगे कैसे कक्षाएं लगेंगी या शिक्षण कार्य होगा इस संबंध में राज्य सरकार, छात्रों और अभिभावकों से परामर्श कर आगे तय करें। उसके बाद यूजीसी ने भी दिशा-निर्देश तय किए थे।
रिप्रजेंटेशन पर भी नहीं की कार्रवाई
याचिकाकर्ता संगठनों के अनुसार यूनिवर्सिटी ने बिना किसी से परामर्श किए ही यह तारीख तय कर दी। संगठनों ने इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार को रिप्रजेंटेशन भी दी थी। लेकिन कोई करवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता संगठनों ने वीरवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा 29 जून को जारी नई गाइडलाइन्स भी हाईकोर्ट को सौंपते हुए कहा कि इस नई गाइडलाइन्स के अनुसार शिक्षण संस्थानों को 31 जुलाई तक बंद किया गया है, ऐसे में अब उनसे किसे 7 जुलाई को परीक्षा ली जा सकती है।