अपने दादा की हत्या होने की एफआईआर दर्ज करवाने के बाद ट्रायल के दौरान उसे हादसा बताना शिकायतकर्ता को भारी पड़ गया। आरोपी को जमानत देते हुए शिकायतकर्ता के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
फतेहाबाद निवासी कमल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 जनवरी 2020 को वह घर में अपने बेटे का जन्मदिन मना रहा था। इस दौरान विकास व 5 अन्य लोग वहां पहुंचे और झगड़ा करने लगे। इस झगड़े में चोट लगने से उसके दादा की मौत हो गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले के सह आरोपी विकास ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए नियमित जमानत की मांग की। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्रायल में बयान दर्ज करवाते हुए शिकायतकर्ता ने खुद माना था कि उसके दादा की मौत गिरने की वजह से हुई है।
ऐसे में याची को नियमित जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपी को जमानत देने का पूरा आधार बनता है। साथ ही हाईकोर्ट ने शिकायत देकर पलटने वाले को भी सबक सिखाने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिया है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने के जुर्म में कानूनी कार्रवाई करे।