फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Highcourt: कर्मी की गलती नहीं तो नो वर्क नो पे सिद्धांत नहीं होता लागू, होमगार्ड कमांडेंट को कोर्ट की फटकार

Fri, 07 Apr 2023 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर था और ऐसे में उसके हाथ में कुछ नहीं था। जिस दिन उच्च अधिकारी ने उसे रिलीव किया उसी दिन वह ड्यूटी संभालने पहुंच गया था। होमगार्ड लुधियाना के कमांडेंट की इस दलील को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया कि पुलिस की देरी के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है।
विज्ञापन
highcourt
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि कर्मचारी की गलती न होने पर काम नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कर्मचारी की याचिका को स्वीकार करते हुए 2012 से लंबित वेतन को छह प्रतिशत ब्याज सहित देने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता को हुई इस परेशानी के लिए लुधियाना के होमगार्ड कमांडेंट को जमकर फटकार लगाई।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें : Amritpal: तलवंडी साबो में आज सरेंडर करेगा अमृतपाल! पंजाब पुलिस तैयार, 14 अप्रैल तक कर्मियों की छुट्टियां रद्द

याचिका दाखिल करते इंद्रजीत सिंह ने बताया था कि वह पंजाब में स्पेशल पुलिस ऑफिसर के तौर पर कार्यरत था। स्पेशल पुलिस ऑफिसर पंजाब पुलिस में नियमित होने के लिए आवश्यक योग्यता पूरी नहीं करते थे। ऐसे में इन्हें होमगार्ड में भेजने का निर्णय लिया गया था। याचिकाकर्ता को लुधियाना पुलिस कमिश्नर ने 3 अगस्त 2012 को स्पेशल पुलिस ऑफिसर के तौर पर रिलीव किया था लेकिन लुधियाना के होमगार्ड कमांडेंट ने उसे यह कहते हुए ज्वाइन कराने से इन्कार कर दिया कि उसने देरी से रिपोर्टिंग की है। हाईकोर्ट को बताया गया कि जिस दिन उसे रिलीव किया गया था उसी दिन उसने लुधियाना में रिपोर्ट किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल एक स्पेशल पुलिस ऑफिसर था और ऐसे में उसके हाथ में कुछ नहीं था। जिस दिन उच्च अधिकारी ने उसे रिलीव किया उसी दिन वह ड्यूटी संभालने पहुंच गया था। होमगार्ड लुधियाना के कमांडेंट की इस दलील को हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया कि पुलिस की देरी के साथ उनका कोई लेना-देना नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को अगस्त 2012 से नियुक्ति देने का आदेश दिया है। पंजाब सरकार ने इस पर काम नहीं तो वेतन नहीं सिद्धांत के आधार पर वित्तीय लाभ जारी करने का विरोध किया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता की कोई गलती नहीं थी। ऐसे में कर्मचारी की गलती न होने पर यह सिद्धांत लागू नहीं होता।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें