हरियाणा-पंजाब सहित चंडीगढ़ जबरदस्त सूखे की चपेट में आ गए हैं। एक जून से 31 जुलाई तक तीनों ही स्थानों में सामान्य से 50 फीसदी कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा हालात पंजाब के जिलों के खराब हैं।
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पूरे पंजाब में सामान्य से 58 फीसदी कम बारिश हुई है। यहां के अधिकतर जिलों में 60 फीसदी से भी कम बारिश दर्ज की गई है। चंडीगढ़ की भी स्थिति कुछ अच्छी नहीं है।
सिटी ब्यूटीफुल में सामान्य से 49 फीसदी कम बारिश हुई है। हरियाणा में भी 49 फीसदी बारिश कम हुई है। सिर्फ यमुनानगर में हालात कुछ प्रतिकूल पाए गए हैं। यहां पर मात्र 30 फीसदी कम बरसात हुई है।
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बारिश की कमी से फसलों के साथ-साथ पावर प्लांट पर भी असर पड़ा है। हरियाणा व पंजाब के सभी जिलों में लगातार बिजली के कट लग रहे हैं।
साल 2009 में आई थी ऐसी स्थिति
मौसम विभाग के मुताबिक साल 2009 में बिल्कुल ऐसी स्थिति बनी थी। उस दौरान अलनीनो का असर देखा गया था। पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में भी सामान्य से कम बारिश हुई थी। 40-50 प्रतिशत की कमी देखी गई थी।
उससे पहले साल 2007 में बारिश की किल्लत देखी गई थी। मौसम विभाग ने संभावना जताई कि जून-जुलाई की कमी अगस्त में पूरी कर दी जाएगी। अगले 24 घंटे में मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है। दूसरे हफ्ते तक अच्छी बारिश की उम्मीद है।
किस जिले में कितनी बारिश
स्थान------अब तक कितनी-----इतनी होनी थी----इतनी कम हुई पंजाब----------96.7------------230.4...................-58 हरियाणा---------96---------------209...................-54 चंडीगढ़--------203--------------402.4..................-49
अमृतसर...........66.5...............254.5............-74 जालंधर...........101.4..............252.4.............-60 लुधियाना..........110.6..............254.2............-56 मोगा.................43.4...............141.2.............-69 फतेहगढ़............60.5,,,,,,,,,,,,,,,266.2.............-77 फरीदकोट..........148.................156.................-5 नोट: एक जून से 31 जुलाई तक बारिश का ब्योरा है।